UP: काशी में होगा एक करोड़ पार्थिव शिवलिंगार्चन, कई देशों के साधु-संत होंगे शामिल, पीएम के भी आने की उम्मीद
UP Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पहली बार महाशिवार्चन का आयोजन किया जाएगा. आयोजकों का कहना है कि इस माह अनुष्ठान में एक करोड़ पार्थिव शिवलिंगों की पूजा अर्चना की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस अनुष्ठान में देश-विदेश से 50,000 से ज्यादा साधु-संत शामिल होंगे।
पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए तेलंगाना के 33 जिलों के लोगों को लगाया गया है और अभी तक 72 लाख से अधिक पार्थिव शिवलिंग तैयार हो चुके हैं। आयोजन कर्ताओं का कहना है कि 28 लाख शिवलिंग और तैयार हो जाएंगे उसके बाद 19 से 27 नवंबर तक वाराणसी में इस महानुष्ठान का आयोजन होगा।

कार्तिक मास में वाराणसी के क्षेत्र सिंह किला में यह महानुष्ठान आयोजित होगा, जिसमें साधु, संत, शंकराचार्य के साथ ही देश विदेश के आश्रमों मठों के महंत भी शामिल होंगे। हैदराबाद की ट्रस्ट श्री विजय नंदा नाधा गुरु सेवा ट्रस्ट द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। आयोजन कर्ताओं का कहना है कि महानुष्ठान में पीएम मोदी भी शामिल हो सकते हैं।
ट्रस्ट के महासचिव डॉ. जीके वैंकट द्वारा मीडिया को बताया गया कि पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए तेलंगाना के 33 जनपदों में 48 केंद्र बनाए गए हैं। बनाए गए केंद्रों पर लोगों द्वारा तैयार किया जा रहे हैं पार्थिव शिवलिंग को जमा कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 1200 लोगों द्वारा पार्थिव शिवलिंग निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
इस अनुष्ठान से पहले सभी शिवलिंग का वाराणसी मैं 10 दिनों तक विधिवत पूजन किया जाएगा। पूजन किया जाने के बाद महानुष्ठान प्रारंभ होगा। इस आयोजन में कांची कामकोटि के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती, शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विदुशेखर भारती स्वामी, द्वारिका पीठ, पुरी पीठाधीश्वर और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के अलावा अन्य लोग भी शामिल होंगे।
ट्रस्ट से जुड़े लोगों द्वारा बताया गया कि इस महानुष्ठान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ ही तेलंगाना सरकार के कई मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को देखते हुए वाराणसी के चेत सिंह किला परिसर में भी तैयारी शुरू हो गई हैं। अगले सप्ताह से किला में पंडाल आदि लगाए जाने प्रारंभ हो जाएंगे। ट्रस्ट के लोगों द्वारा यह भी बताया गया कि इस महापर्व में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, मलेशिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, दुबई, कुवैत आदि देशों के मंदिरों के महंत, संत और अनुयायी भी भाग लेंगे।












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