महाकवि सुब्रमण्यम भारती का जीवन और लेखन आने वाली पीढ़ियों को करता रहेगा प्रेरित- केंद्रीय विदेश मंत्री
केंद्रीय विदेश मंत्री दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम में भाग लेने के साथ ही कई अन्य कार्यक्रम में भी शामिल हुए और राष्ट्रकवि सुब्रह्मण्यम भारती के परिवार के लोगों से भी मिले।

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने काशी दौरे पर रविवार को महाकवि सुब्रह्मण्यम भारती के हनुमान घाट स्थित आवास पर पहुंचे। आवास पर पहुंचकर उन्होंने महाकवि के भांजे से मुलाकात किए और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लिए। केंद्रीय विदेश मंत्री करीब 20 मिनट तक उनके आवास पर रहे।
सुब्रमण्यम भारती की रचनाएं आज भी प्रासंगिक
काशी के हनुमान घाट इलाके में स्थित महाकवि के आवास पर उनके परीवार के लोगों से बातचीत करने के दौरान केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा कि अब तक के सबसे महान तमिल साहित्यकारों में से एक, महाकवि भारती का काशी हनुमान घाट स्थित घर एक ज्ञान केंद्र और पावन तीर्थ है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और महिला सशक्तीकरण पर सुब्रमण्यम भारती की रचनाएँ आज भी प्रासंगिक हैं। काशी में ही भारती जी का परिचय अध्यात्म और राष्ट्रवाद से हुआ। भारती जी के व्यक्तित्व पर काशी ने गहरा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने कहा कि महाकवि के परिवार के सदस्यों से मिलकर ख़ुशी भी हुई और गर्व भी हुआ। उन्होंने कहा कि महाकवि भारती जी का जीवन, विचार और लेखन हमारी आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

मंदिरों का संरक्षण कर रही भाजपा
यह भी बता दें कि केंद्रीय विदेश मंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित एक संगोष्ठी में भी शामिल हुए और काशी तमिल संगमम कार्यक्रम में भी शमिल हुए। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर मंदिरों के संरक्षण की जानी चाहिए और भारतीय जनता पार्टी द्वारा मंदिरों का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में मंदिरों को संरक्षण देने के लिए कई महत्वपूर्ण और जरूरी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों का संरक्षण किए जाने से नशे को हिंदू धर्म बल्कि देशभर के लोगों द्वारा मदद मिली है। मंदिरों का संरक्षण किए जाने से दो देशों और अलग-अलग राज्यों के लोगों को एक साथ होने का मौका मिलता है। मंदिरों का संरक्षण होने से जहां लोगों को रोजगार मिलता है वहीं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी मंदिरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
जी 20 के तहत 55 शहरों में होगा कार्यक्रम
यह भी बता दें कि केंद्रीय विदेश मंत्री शनिवार को वाराणसी पहुंचे। वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में स्थित एंफीथियेटर ग्राउंड में चल रहे काशी तमिल संगमम में शनिवार को केंद्रीय विदेश मंत्री ने महिलाओं की बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। शुभारंभ के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश के 55 शहरों में जी 20 शिखर सम्मेलन का आयोजन कराया जाएगा। काशी में भी काफी भव्य तरीके से कार्यक्रम का आयोजन होगा और देश के सभी राज्यों में इसे जश्न की तरह मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए स्थानों का चयन किया जा रहा है। स्थलों का चयन हो जाने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी।












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