अच्छी खबर: Varanasi के सभी सरकारी अस्पतालों में अब 24 घंटे लगेंगे सांप और कुत्ता काटने के इंजेक्शन
Varanasi के सभी सरकारी अस्पतालों में अब 24 घंटे कुत्ता और सांप काटने के इंजेक्शन लगाए जाएंगे, इसे लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गुरुवार को सूचना जारी की गई और सभी अस्पतालों को निर्देशित भी किया गया है
Varanasi जिले में अब सांप और कुत्ता काटने के बाद लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। गुरुवार को वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा सूचना जारी करते हुए बताया गया कि वाराणसी के सभी सरकारी अस्पतालों पर अब 24 घंटे सांप और कुत्ता या किसी अन्य जानवर के काटने से संबंधित इंजेक्शन लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया गया है।

पर्याप्त वैक्सीन की रहेगी उपलब्धता
जारी सूचना में बताया गया कि वाराणसी के श्री शिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय-कबीरचौरा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पाण्डेयपुर, लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय रामनगर सहित जनपद के समस्त ब्लाक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं समस्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो के आकस्मिक कक्ष में एआरवी (एण्टी रेबीज वैक्सीन) व एएसवी (एण्टी स्नैक वेनम) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उपरोक्त सभी अस्पतालों में 24 घंटे वैक्सीन की उपलब्धता रहेगी और मरीज के पहुंचने के बाद उसे वैक्सीन लगाया जाएगा।

अस्पतालों में लिखवाई जाएगी सूचना
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे ए०आर०वी० एवं ए०एस०वी० वैक्सीन की उपलब्धता रहेगी और इस नई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के आकस्मिक कक्ष के सामने वाल पेटिंग के जरिये 'यहाँ पर ए०आर०वी० एवं ए०एस०वी० वैक्सीन की सुविधाएं 24 घंटे निःशुल्क उपलब्ध हैं।' की सूचना भी प्रसारित की जाएगी। बताया गया कि वैक्सीन की उपलब्धता 24 घंटे होने की सूचना लिखवाए जाने के बाद अस्पताल में आने वाले लोगों को इसके बारे में जानकारी रहेगी और किसी भी समय कुत्ता या सांप काटने के बाद लोग झाड़-फूंक करवाने के लिए जाने की अपेक्षा सरकारी अस्पताल में पहुंचकर तत्काल वैक्सीन लगाएंगे।

24 घंटे के अंदर लगवाना चाहिए इंजेक्शन
सीएमओ द्वारा बताया गया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। किसी भी व्यक्ति को कुत्ता, बिल्ली, बंदर, छछूंदर और चूहा सहित अन्य जानवरों के काटने के कारण होता है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी व्यक्ति को यदि उपरोक्त जानवर काट लेते हैं तो इसके लक्षण एक से तीन महीने के अंदर दिखाई देने लगते हैं। जानवरों के काटने के बाद तत्काल इसका उपचार कर लिया जाए तो प्रभाव न के बराबर हो जाता है और लोगों की जान बच जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जानवरों के काटने को तीन भागों में बांटा गया है।पहला जानवर का चाटना जो सामान्य है। दूसरा खरोंचना या पूर्व के घाव को चाटना। यह दोनों सामान्य है लेकिन काटने के तीसरे तरीके अर्थात कोई जानवर किसी को यदि दांत गड़ाकर काट लेता है तो इसे गंभीर माना जाता है। इस गंभीर स्थिति में 24 घंटे के अंदर पहला इंजेक्शन लगवाना चाहिए। इसके बाद तीसरे, सातवें और 28वें दिन भी टीकाकरण अनिवार्य रूप से करवाना चाहिए।












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