Shivanand Baba 126 year : पीएम नरेंद्र मोदी भी जिनके सामने झुक गए, जानिए कौन हैं 126 साल के शिवानंद बाबा ?
वाराणसी, 23 मार्च: वाराणसी के 126 साल के योग गुरु स्वामी शिवानंद बाबा को राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में जब शिवानंद के नाम की घोषणा हुई तो वह बड़ी ही फुर्ती के साथ वह अपनी कुर्सी से उठे और नंगे पैर तेजी से चलते हुए मंच की तरफ बढ़े और तीन बार अपना शीश नवाया। शिवानंद बाबा ने सबसे पहले काशी के सांसद और पीएम नरेंद्र मोदी के सामने शीश झुकाया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी कुर्सी से उठकर स्वामी शिवानंद के आगे सम्मान में झुक गए और उन्हें प्रणाम किया। आइए जानते हैं कौन हैं स्वामी शिवानंद बाबा?

शिवानंद बाबा को इसलिए मिला पद्मश्री अवॉर्ड
स्वामी शिवानंद को भारतीय जीवन पद्धति और योग के के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया है। राष्ट्रपति भवन में 126 साल के शिवानंद बाबा ने अपनी फुर्ती से सबको चौंका दिया। स्वामी शिवानंद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सामने भी घुटनों पर बैठ गए, लेकिन राष्ट्रपति कोविंद ने उन्हें झुककर उठाया।

कौन हैं बाबा शिवानंद ?
बाबा शिवानंद का जन्म 1896 में हुआ था। वह बंगाल से काशी पहुंचे। यहां उन्होंने गुरु ओंकारानंद से शिक्षा ली। 6 साल की उम्र बहन, मां और पिता की मौत एक महीने के अंदर ही हो गई। वह बताते हैं कि भूख की वजह से उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने मोहवश माता-पिता को मुखाग्नि देने से ही इनकार करते हुए उन्हें चरणाग्नि ही दी।

34 साल तक भ्रमण करते रहे शिवानंद
साल 1925 में गुरु के निर्देश पर शिवानंद विश्व भ्रमण पर निकल गए। 29 साल के शिवानंद लंदन गए और लगातार 34 साल तक भ्रमण ही करते रहे। अमेरिका, यूरोप, आस्ट्रेलिया, रूस आदि देशों की यात्रा से लौटकर जब वह स्वदेश आए तो भारत तब तक अपना 9वां गणतंत्र दिवस मना रहा था।

ब्रह्मचर्य के नियम के पालन ने बनाया फिट, रोज करते हैं योग
शिवानंद बाबा आज भी ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करते हैं। उबला भोजन और सब्जी ही खाते हैं। बाबा हर दिन सुबह 3 बजे उठते हैं। 126 साल की उम्र में भी वह हर दिन करीब एक घंटे योग करते हैं। इसके बाद पूजा पाठ से दिन की शुरुआत करते हैं।












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