पाक सीमा पर बढ़ी सख्ती से वाराणसी को नुकसान
वाराणसी। देश में नरेन्द्र मोदी की सरकार आते ही वाराणसी के दिन खराब होते जा रहे हैं। वाराणसी से चुनाव जीतकर मोदी देश के प्रधानमंत्री तो बन गए, लेकिन वाराणसी के बुनकर अब भी बदहाली का दिन बीता रहे हैं। वाराणसी के प्रसिद्ध बनारसी साड़ी को खासा नुकसान हुआ है। जी हां नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर बढ़ाई जा रही सख्ती से बनारसी साड़ी के कारोबार को बड़ा झटका दिया है।

सीमा पर सख्ती के कारण बनारस की इन प्रसिद्ध बनारसी साड़ियों का निर्यात पाकिस्तान और बंग्लादेश में नहीं हो पा रहा है। पिछले दो महीने से इन दोनों देशों में बनारसी साड़ी नहीं पहुंच रही है। निर्यात में आई कमी के कारण बनारस के बुनकर के दिन अच्छे होने के बजाए खराब होते जा रहे हैं। आरको बता दें कि बांग्लादेश में सालाना दो हजार करोड़ और पाकिस्तान में सालाना ढाई हजार करोड़ रुपये का बनारसी साड़ी एवं कपड़ों का कारोबार बनारस के द्वारा होता है।
बनारसी साड़ी दिल्ली, पंजाब होते हुए और दुबई के रास्ते पाकिस्तान तक पहुंचती है। वहीं बांग्लादेश के लिए बनारस की ये साड़ियां कोलकाता होते हुए पहुंचती है। बनारसी साड़ी ने इन तीनों देशों में हजारों लोगों को रोजगार दे रखा है,लेकिन इस समय सीमा पर बरती जा रही सख्ती की वजह से बनारसी साड़ी के निर्यातकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
निर्यात की बात करें तो बांग्लादेश जाने वाला माल सड़क मार्ग से जाता है जबकि दुबई और पाकिस्तान जाने वाला माल हवाई और जल मार्ग से पहुंचता है। ऐसे में जब कि बनारस का ये माल पाकिस्तान और बांग्लादेश नहीं पहुंच पा रहा है तो निर्यतकों को अपने माल की खपत के लिए नए बाजारों की तलाश करनी पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि राजनीतिक संबंध अपनी जगह हैं लेकिन कारोबार को प्रभावित नहीं होना चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले लगभग दो महीनों से भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है। भारत-पाक सीमा और नियंत्रण रेखा पर तनाव तथा पाकिस्तान में ताजा राजनीतिक उथलपुथल का असर क्रास एलओसी ट्रेड पर दिखने लगा है। व्यापारियों का मानना है कि पिछले दो माह में व्यापार घटा है। उन्हें इस बात का डर है कि कहीं तनाव से कारोबार बंद होता है तो उनकी पूंजी फंस जाएगी।












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