चर्च टूल किट का हिस्सा हैं Swami Prasad Maurya, ऐसे लोगों को जेल भेजे सरकार- स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती
स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस पर लेकर दिए गए बयान पर संत समाज द्वारा नाराजगी जताई गई है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा है कि सरकार को ऐसे व्यक्ति को जेल भेजना चाहिए।

Swami Prasad Maurya द्वारा हिंदू धर्म ग्रंथ रामचरितमानस पर लेकर दिए गए बयान पर घमासान मचा हुआ है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बिहार के शिक्षा मंत्री और कर्नाटक के नेता व स्वामी प्रसाद मौर्य को चर्च प्रायोजित वामपंथी टूलकिट का हिस्सा बताया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि स्वामी प्रसाद मौर्या के ऊपर एफ आई आर दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेजना चाहिए।

हिंदुओं की छवि बिगाड़ने का षड्यंत्र
उन्होंने कहा कि हिंदुओं की छवि बिगाड़ने को लेकर षड्यंत्र किया जा रहा है। ऐसे लोगों द्वारा हिंदू धर्म ग्रंथों पर गालियां दी जाएंगी। जिससे हिंदू उद्वेलित होकर के जब पूरे देश में प्रदर्शन करेंगे सड़कों पर आएंगे तो यह कहा जाएगा कि सरकार और हिंदू समाज अहिष्णु है। और पुनः हिंदुओं की छवि को पूरे विश्व में असहिष्णुता के नाम पर भुनाने के लिए यह षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करते हुए जेल भेजा जाए।

बालक के खड़े होते ही रोम-रोम कांपने लगे
वहीं उन्होंने बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बारे में बोलते हुए कहा कि एक 27 साल के बालक के खड़े होते ही इनके रोम-रोम कांपने लगे। वामपंथी मीडिया और ऐसे लोगों द्वारा मजार पर चादर और चर्च में फादर को लेकर कभी आवाज नहीं उठाई गई। चादर और फादर के औलादों पर उंगली नही उठाई गई लेकिन हिंदू समाज के संत और धर्म आचार्यों पर उंगली उठाने वाले कुछ तथाकथित कालनेमी संत वेश धारी भी हैं जो इस वामपंथी टूलकिट के ही हिस्सा हैं।

नागपुर के श्याम मानव का धर्म क्या है
आपको बता दें वाराणसी पहुंचे निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरी ने भी बागेश्वर धाम सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नागपुर के श्याम मानव का धर्म क्या है, इसके बारे में पता लगाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्याम मानव के संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की भी जांच की जानी चाहिए और रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर जिस तरीके से प्रहार किया जा रहा है इसके पीछे ईसाई मिशनरीज और इस्लामिक ताकतों का गठजोड़ है। यह प्रहार केवल आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर ही नहीं बल्कि भारत की सामाजिक, धार्मिक और सनातन हिंदू संस्कृति पर प्रहार है।
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