बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर के निलंबन की मांग ने पकड़ा जोर, 13वें दिन मनाई तेरहवीं, कराया मुंडन
वाराणसी। पिछले एक साल से लगातार बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में किसी न किसी बात को लेकर विरोध का सिलसिला चलता आ रहा है। ऐसे में इन दिनों कैम्पस की चीफ प्रॉक्टर रॉयना सिंह सुर्खियों में हैं। कैम्पस के छात्रों का आरोप है कि उन्होंने नर्सिंग के छात्राओं के साथ मारपीट की और इस घटना में एक छात्रा के कान का पर्दा फट गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि इनके कार्यकाल में परिसर से चंदन की लकड़ी चोरी हुई साथ ही इनका रैवैया तानाशाहों जैसा है। इस वजह से यूनिवर्सिटी के छात्र पिछले 13 दिनों से प्रशासनिक भवन सेंट्रल ऑफिस के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है और रॉयना सिंह को निलंबित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी विरोध के चलते धरने के 13 वें दिन यानि बुधवार को नाराज छात्रों ने रॉयना सिंह की तेरहवीं मनाते हुए अपने सिर मुंडवाए और ब्राह्मणों को भोजन कराया।

पहले छात्रा को मारा फिर दी धमकी
इस विरोध को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सभी विभाग के छात्रों की खास दिलचस्पी है। यही वजह है कि शोध छात्रों का संगठन बीते 13 दिनों से दिन-रात ठंड में भी अनशन पर जुटा हुआ है। इस पूरे मामले पर बीएचयू के छात्र आशुतोष सिंह का कहना है कि रॉयना सिंह ने पहले अपनी डिग्री की मान्यता को लेकर नर्सिंग की एक छात्रा को मारा, जिससे उसके कान का पर्दा फट गया। इसके बाद उसके घर पर अपने लोगों को भेजकर उसे धमकी भी दी। वहीं शोध छात्र चक्रपाणि ओझा ने बताया कि इनका रवैया छात्रों से लेकर हर कर्मचारियों के लिए खराब है। यही नहीं हम लोगों ने पीएम मोदी को खून से खत लिखा, ऐसे में जब तक रॉयना सिंह को निलंबित नहीं किया जाएगा हमारा अहिंसा पूर्ण विरोध चलता रहेगा।

बीते दिनों काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान के प्रोफेसर एसके चौबे द्वारा छात्राओं पर अश्लील कमेंट करने का आरोप लगा था। इस आरोप के बाद प्रोफेसर एसके चौबे को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निलंबित कर दिया गया था। कुलपति राकेश भटनागर ने इस बारे में कहा था कि जब तक यह विवाद जारी रहेगा तब तक एसके चौबे निलंबित रहेंगे। इसके बाद की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। बीएससी की छात्राओं द्वारा लिखित में कुलपति को शिकायत देने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। इस मामले की जांच वूमेन्स ग्रीवांस सेल कर रही है।












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