Varanasi News: बनारस में पकड़ा गया बिहार निवासी मुन्ना भाई, दूसरे की जगह दे रहा था परीक्षा
वाराणसी में दूसरे के स्थान पर यूपी सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रित ग्रेड 4 एग्जाम देते हुए बिहार निवासी एक मुन्ना भाई को पकड़ा गया है।
Varanasi में दूसरे परीक्षार्थी की जगह बैठकर सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रित ग्रेड 4 एग्जाम की परीक्षा दे रहे मुन्ना भाई को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त बिहार के गया जनपद का रहने वाला है, वह वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना अंतर्गत कोईराजपुर संत अतुलानन्द कन्वेंट स्कूल में परीक्षा देते समय पकड़ा गया। पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस द्वारा रविवार को आवश्यक कार्रवाई की गई।

आधार कार्ड और फोटो में किया था बदलाव
दरअसल वाराणसी जिले के गोमती जोन के बड़ागांव थाना अंतर्गत कोईराजपुर में संत अतुलानन्द कन्वेंट स्कूल में शनिवार को यूपी सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रीय ग्रेड 4 अर्थात चालक पद पर नियुक्ति हेतु एक परीक्षा एनटीए द्वारा आयोजित की गई थी। स्कूल में परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व परीक्षा देने पहुंचे कैंडिडेट की जांच की जा रही थी। उसी समय परीक्षा कक्ष में कैंडिडेट राज नारायण वर्मा के स्थान पर बिहार के गया जनपद अंतर्गत अतरी थाना क्षेत्र के अयर गांव निवासी अभय कुमार पुत्र रवि कांत सिंह परीक्षा देने बैठा था। उसने अपने आधार कार्ड और फोटो में कंप्यूटर से संशोधन कराया था। कक्ष निरीक्षक जब उसके पास पहुंचे और फोटो मिलान करने लगे तो पहले से ही प्रवेश पत्र पर फोटो चिपका हुआ था। ऐसे में शक होने पर उससे जन्मतिथि पूछी गई तो वह बरगलाने लगा।
कक्ष निरीक्षक को धक्का देकर भागा
कक्ष निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह द्वारा जब उससे कड़ाई से पूछताछ की जाने लगी तो वह अरविंद कुमार सिंह को धक्का देकर कमरे से बाहर भागा। अरविंद कुमार के शोर मचाने पर आस-पास मौजूद अन्य अध्यापक उसका पीछा कर लिए और स्कूल परिसर से बाहर निकलने के पहले ही उसे पकड़ लिया गया। उसे पकड़ने के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस जब उससे पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि वह वाराणसी के रहने वाले राजनारायण वर्मा की जगह परीक्षा दे रहा था। पुलिस की पूछताछ में अभय ने यह भी स्वीकार किया कि उसने कंप्यूटर से राजनारायण की फोटो की जगह अपना फ़ोटो बनवा लिया था।
परीक्षा रिजल्ट आने पर मिलते 65 हजार
पुलिस की पूछताछ में अभय कुमार सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि सॉल्वर गैंग द्वारा उसे 10 हजार रुपए दिए गए थे। इसी 10 हजार में उसे पटना से वाराणसी आने और रहने खाने-पीने का खर्च मेंटेन करना था। परीक्षा का रिजल्ट आज आने के बाद सॉल्वर गैंग द्वारा उसे 65 हजार रुपए दिए जाते। ऐसे में राजनारायण से उसकी मुलाकात कैसे हुई और इस ग्रुप में अन्य कितने लोग शामिल हैं, इसके बारे में पुलिस द्वारा जानकारी एकत्र की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वाराणसी के रहने वाले राजनारायण की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीम लगी हुई है अभी राजनारायण फरार है। राजनारायण के पकड़े जाने पर इस मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।












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