Kharmas 2022: एक माह तक बंद रहेगा बैंड बाजा‚ सात फेरे लेने का इंतजार करेंगे दूल्हे राजा

16 दिसंबर से खरमास प्रारंभ हो जाएगा और ऐसे में मांगलिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। अब मकर संक्रांति के बाद मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे।

Kharmas 2022 Marrige

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    16 दिसंबर से Kharmas प्रारंभ हो जाएगा और नए साल में 14 जनवरी तक रहेगा। ऐसे में कोई भी मांगलिक कार्यक्रम खरमास के समय में नहीं कराए जाएंगे। 15 जनवरी 2023 को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा और पर्व के बाद से फिर मांगलिक कार्यक्रमों को किया जाना प्रारंभ हो जाएगा। ऐसे में शादियों का समय भी अब गुजर गया और अब एक माह बाद ही बैंड बाजा और बारात देखने को मिलेगा।

    गृह निर्माण हेतु नहीं कराना चाहिए भूमि पूजन

    गृह निर्माण हेतु नहीं कराना चाहिए भूमि पूजन

    ज्योतिष शास्त्र से जुड़े लोग बताते हैं कि खरमास के समय कोई भी मांगलिक कार्यक्रम नहीं करना चाहिए। यह भी बताया जाता है कि यदि कोई भी व्यक्ति मकान निर्माण करना चाहता है तो वह खरमास में भूमि पूजन आदि का कार्य न कराए। खरमास में भूमि पूजन कराने से लोगों को बचना चाहिए। यह भी कहा जाता है कि खरमास में भूमि पूजन कराने के बाद मकान निर्माण कराने पर उसमें तमाम तरह की बाधाएं आती हैं और निर्माण भी समय से संपन्न नहीं हो पाता। इसके अलावा यह भी बताया जाता है कि खरमास में कोई भी नया व्यवसाय प्रारंभ नहीं करना चाहिए।

    एकादशी व्रत रखने पर मिलता है लाभ

    एकादशी व्रत रखने पर मिलता है लाभ

    पुरोहित गजानंद पांडेय का कहना है कि खरमास में एकादशी व्रत जरूर रखना चाहिए। एकादशी व्रत रखने से परिवार में आर्थिक समस्याएं दूर होते हैं और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष खरमास में एकादशी व्रत दो बार पड़ेगी। 19 दिसंबर 2022 और 2 जनवरी 2023 को एकादशी व्रत रखा जा सकता है। सामान्य महीनों में जिस तरह एकादशी व्रत रखा जाता है ठीक उसी तरह खरमास माह में भी एकादशी व्रत रह सकते हैं। इसके अलावा तुलसी को जल अर्पित करने और शाम को भी का दीपक जलाने तथा पीपल के पेड़ की भी पूजा करने पर मनवांछित फल मिलता है और परिवार के दुख और कष्ट दूर होते हैं।

    सूर्य के पूजा करने से मिलता है लाभ

    सूर्य के पूजा करने से मिलता है लाभ

    ज्योतिष बताते हैं कि खरमास माह में सुबह में स्नान करने के बाद सूर्य को जल अर्पित करें और सूर्य की पूजा और आराधना करें। सूर्य की पूजा और उपासना के लिए सूर्य को जल अर्पित करने के साथ ही धूप और अगरबत्ती भी जला सकते हैं। इसके अलावा पीले या लाल रंग का वस्त्र, बर्तन, गुड और गेहूं आदि को भी दान किया जा सकता है। सूर्य की पूजा आराधना करने तथा दान करने से कई प्रकार के दोष नष्ट हो जाते हैं इसके अलावा ज्ञान की प्राप्ति भी होती है। इसके अलावा सूर्य मंत्र का जाप करते हुए पूजा पाठ करने से धन, ऐश्वर्य, उत्तम स्वास्थ्य, करियर में कामयाबी, परीक्षा में सफलता, संतानोत्पत्ति आदि का लाभ भी मिलता है।

    जनवरी में 9 दिन विवाह मुहूर्त

    जनवरी में 9 दिन विवाह मुहूर्त

    गजानंद पांडेय बताते हैं कि जनवरी माह में खरमास बीत जाने के बाद 15 जनवरी 2023 को विवाह मुहूर्त प्रारंभ हो जा रहा है। ऐसे में 15, 16, 18, 19, 25, 26, 27, 30 और 31 जनवरी को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी माह में 9 दिन शुभ मुहूर्त पंचांग में बताए गए हैं। जो भी व्यक्ति खरमास के बाद शादी की तिथि नियत करना चाहते हैं वे उपरोक्त 9 तिथियों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं।

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