पक्षकार हरिहर पांडेय को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी, कहा- 'मुकदमा तो जीत गए लेकिन...'

वाराणसी। खबर उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से है। यहां हरिहर पांडेय को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। बता दें कि हरिहर पांडेय काशी विश्वनाथ मंदिर के पक्षकार है, जिन्हें यह धमकी मिली है। ये धमकी यासीन नाम के शख्स ने उन्हें फोन कर दी है। धमकी मिलने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत वाराणसी के पुलिस कमिश्नर से की, जिसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा दे दी गई है। दरअसल, गुरुवार (08 अप्रैल) को काशी विश्वनाथ मंदिर और उससे सटे ज्ञानवापी के पुरातात्विक सर्वेक्षण को सिविल कोर्ट के मंजूरी दे दी है।

Kashi Vishwanath temple: Harihar Pandey gets life threat on phone call

75 वर्षीय हरिहर पांडेय औरंगाबाद के रहने वाले है। हरिहर पांडेय ने बताया कि 8 अप्रैल को सिविल कोर्ट के फैसले के बाद जब वह घर पहुंचे तो एक अनजान नम्बर से उन्हें फोन आया। फोन कर्ता ने अपना नाम यासीन बताया और धमकी देते हुए कहा, 'पांडेय जी मुकदमा तो जीत गए हैं आप, लेकिन एएसआई वाले मंदिर में नहीं घुस पाएंगे। आप और आपके सहयोगी मारे जाएंगे।' हरिहर पांडेय ने बताया कि धमकी भरे फोन कॉल के बाद शुक्रवार (09 अप्रैल) को इसकी शिकायत वाराणसी पुलिस कमिश्नर से की।

हरिहर पांडेय की शिकायत पर पुलिस तत्‍काल हरकत में आ गई। उसके बाद लक्सा पुलिस ने उनकी सुरक्षा में 2 सिपाही तैनात कर दिए है। दशाश्वमेध सीओ अवधेश पांडेय ने बताया कि हरिहर पांडेय की शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में जांच कर रही हैं। फोन पर किसने धमकी दी इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल उन्हें सुरक्षा दे दी गई है।

गौरतलब है कि दो साल पहले 10 दिसंबर 2019 को मंदिर पक्ष के पक्षकार विजय शंकर रस्तोगी ने सिविल जज की अदालत में इस मामले में याचिका दायर की थी। तब से इस मामले पर कोर्ट में बहस चली आ रही थी। तो वहीं, अब 8 अप्रैल को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। विजय शंकर की याचिका को स्वीकार करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज आशुतोष तिवारी ने एएसआई को विवादित स्थल के पुरातात्विक सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी है। दरअसल, विजय शंकर रस्तोगी अपनी याचिका में कोर्ट से ज्ञानवापी मस्जिद के पूरे परिसर में एएसआई द्वारा सर्वेक्षण के लिए अनुरोध किया था। इस याचिका पर जनवरी 2020 में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति ने आपत्ति जताई थी।

गुरुवार को काशी विश्वनाथ मंदिर पक्ष के वकील विजय शंकर रस्तोगी ने न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि पुरातात्विक सर्वेक्षण के बाद यह साफ हो जाएगा कि विवादित स्थान पर मस्जिद नहीं बल्कि आदि विशेश्वर महादेव का मंदिर है। बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने करवाया था, ऐसा दावा किया जाता है कि मस्जिद का निर्माण मंदिर तोड़कर किया गया था। इसे लेकर ही पूरा विवाद जारी है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+