Gyanvapi Case : क्या अजय मिश्रा को केस से हटाने की हुई साजिश! जानिए कोर्ट के फैसले के बाद क्या बोले एडवोकेट
वाराणसी, 17 मई: वाराणसी कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले में सुनवाई के दौरान बड़ा फैसला सुनाते हुए कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को उनके पद से हटा दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद अजय कुमार मिश्रा का बयान सामने आया है। उन्होंने इशारों में साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि विशाल जी (एडवोकेट विशाल प्रताप सिंह ) ने अपनी महत्वाकांक्षा पूर्ण करने के लिए मुझे नीचा दिखाया है।

'मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया है जिससे कोर्ट की गोपनीयता भंग हो'
एडवोकेट अजय कुमार मिश्रा ने कहा, ''मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया है जिससे कोर्ट की गोपनीयता भंग हो। मुझे विशाल जी के आरोप पर हटाया गया। कोर्ट के आदेश का मैं सम्मान करूंगा लेकिन इस बात का कष्ट हमेशा रहेगा कि विशाल जी ने अपनी महत्वाकांक्षा पूर्ण करने के लिए मुझे नीचा दिखाया है।''

कोर्ट ने अजय कुमार मिश्रा को पद से हटाया
ज्ञानवापी मामले में सुनवाई के दौरान वाराणसी कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को उनके पद से हटा दिया है। मिश्रा पर सर्वे के दौरान जानकारी लीक करने का आरोप लगा है। ये भी कहा गया है कि उनकी तरफ से एक प्राइवेट कैमरामैन रखा गया था, जो मीडिया को जानकारी लीक कर रहा था। कोर्ट ने उनके इस व्यवहार को गैर जिम्मेदाराना बताया है। कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी साफ किया है कि अजय प्रताप सिंह और विशाल सिंह अपने पद पर बने रहेंगे। अब रिपोर्ट दाखिल करने का काम अजय प्रताप और विशाल प्रताप सिंह ही करेंगे। बता दें,

मुस्लिम पक्ष अजय मिश्रा पर लगातार पक्षपात का लगा रहा था आरोप
बता दें, मुस्लिम पक्ष की ओर से कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा लगातार पक्षपात करने के आरोप लग रहे थे। पहले भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग हुई थी। अब वाराणसी कोर्ट ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पद से हटा दिया है। कोर्ट ने फैसले में इस बात पर भी जोर दिया है कि किसी भी अधिवक्ता आयोग को एक लोक सेवक की तरह काम करना होता है, लेकिन अजय मिश्रा ने एक प्राइवेट कैमरामैन हायर किया जो खबरें लीक कर रहा था।












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