Varanasi के Assi Ghat की सीढ़ियों पर सिगरेट पीती दिखीं छात्राएं, मना करने पर कहा- 'मेरी मर्जी'- Video Viral
वाराणसी के अस्सी घाट की सीढ़ियों पर सिगरेट पीती छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नो स्मोकिंग जोन में छात्राओं को सिगरेट पीने से मना किया गया तो वह लोगों से उलझ गई।

Varanasi के Assi Ghat की सीढ़ियों पर सिगरेट पीती छात्राओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि छात्राएं फेयरवेल पार्टी मनाने गंगा घाट किनारे पहुंची थीं। इस बीच कुछ छात्राएं अस्सी घाट की सीढ़ियों पर बैठ गईं और सिगरेट पीने लगीं। इसी दौरान वहां मौजूद किसी शख्स ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। लोगों का यह भी कहना है कि नो स्मोकिंग जोन में जब छात्राओं को सिगरेट पीने से मना किया गया तो वे स्थानीय लोगों से उलझ गईं।

लोगों द्वारा की जा रही कार्रवाई की मांग
शुक्रवार शाम जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने तरह-तरह के कमेंट्स करने शुरू कर दिए। बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स उनकी आलोचना कर रहे हैं। वहीं आसपास के लोगों का कहना है कि अस्सी घाट पर रोजाना बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में घाट की सीढ़ियों पर बैठकर सिगरेट पीने से काशी की छवि धूमिल होगी। स्थानीय लोगों द्वारा कार्रवाई की मांग की जा रही है।

कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान
अधिवक्ता सुमंत दुबे द्वारा बताया गया कि सार्वजनिक एवं पर्यटन स्थलों पर खुले में धूम्रपान करने वालों के खिलाफ तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (सीओटीपीए) 2003 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत न केवल सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों बल्कि सार्वजनिक और पर्यटन स्थलों पर खुलेआम धूम्रपान से संबंधित सामग्री बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। जिसमें पांच साल की कैद और दो सौ रुपए से लेकर दस हजार रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। वीडियो देखने के बाद उन्होंने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि छात्राएं अभी नाबालिग हैं। ऐसे में उन्हें सिगरेट बेचने वाले दुकानदार पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

स्कूल प्रबंधन ने कहा- जांच की जा रही है
वीडियो दूर से बनाया गया है जिससे छात्राओं का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है। हालांकि ड्रेस के आधार पर पता चला है कि छात्राएं वाराणसी के लहरतारा इलाके में स्थित एक स्कूल में पढ़ती हैं। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रों को स्कूल से इतनी दूरी पर फेयरवेल पार्टी नहीं मनाने दी जा सकती। ड्रेस को देखकर पता चल रहा है कि छात्राएं उसके स्कूल की ही हैं। फिलहाल उनकी पहचान करवाई जा रही है। पहचान हो जाने के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा दोषी छात्रों पर कार्रवाई की बात भी कही जा रही है।
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