Varanasi : रिहायशी इलाकों के करीब पहुंचा गंगा का पानी, बलिया और गाजीपुर में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
वाराणसी गाजीपुर और बलिया में तेजी से बढ़ रहा गंगा जलस्तर, तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की उड़ी नींद
वाराणसी, 29 जुलाई : भले ही वाराणसी समेत पूर्वांचल में अभी अच्छी बरसात नहीं हुई है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में हुई बरसात के चलते गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रहा है। वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में किसान बरसात की आस लगाए बैठे हैं। वहीं गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की नींद उड़ा रखी है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के चलते वाराणसी में दशाश्वमेध घाट पर होने वाली आरती के स्थल को लगातार बदला जा रहा है और शवदाह करने में भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर करीब 95 सेंटीमीटर बढ़ गया। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी तरह यदि जलस्तर में वृद्धि होती रही तो जल्द ही गंगा तटवर्ती क्षेत्रों के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को घर छोड़कर पलायन करना पड़ जाएगा।

पंडा-पुरोहित और नाविकों को सर्वाधिक समस्या
गंगा में बढ़ रहे जलस्तर के कारण गंगा घाट किनारे रह कर पूजा पाठ कराने वाले पंडा और पुरोहितों तथा नौकायन करके अपनी आजीविका चलाने वाले नाविकों को सर्वाधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पंडा-पुरोहित घाट के ऊपरी हिस्सों में आकर पूजा पाठ करा ले रहे हैं, लेकिन नौका संचालन पर रोक लग जाने के चलते नाविक काफी परेशान हैं। कुछ नाविक नाव को गंगा में संचालित कर रहे हैं, जबकि अधिकतर नाविक घाट के किनारे नावों को बांध दिए हैं। नाविकों का कहना है कि नाव चला कर ही उनकी रोजी-रोटी चलती है। ऐसे में यदि गंगा के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही तो नौका संचालन बंद होने से उनका परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा।

वरुणा में भी बाढ़ की संभावना
गंगा नदी में जिस तरीके से जल स्तर में वृद्धि हो रही है उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पलट प्रवाह होने के चलते वरुणा में भी बाढ़ आ सकती है। वरुणा नदी में बाढ़ आने पर कई इलाके जलमग्न हो जाएंगे वहीं किसानों को भी काफी क्षति पहुंचेगी। दो साल पहले गंगा का जलस्तर 68 मीटर पर पहुंच गया था जिससे वरुणा में पानी उलटा घुसने लगा था। उस समय वरुणा तटीय इलाकों में खेती करने वाले लोगों को काफी नुकसान हुआ था और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पलायन करना पड़ा था।

शुक्रवार सायंकाल 65.6 मीटर दर्ज किया गया
गुरुवार को सायं काल 6 बजे गंगा का जलस्तर जहां 64.88 मीटर दर्ज किया गया था। शुक्रवार को सुबह में 8 बजे 65.3 मीटर तो शाम 6 बजे यह आंकड़ा 65.6 मीटर पर पहुंच गया। वहीं गाजीपुर में शुक्रवार को सुबह 8 बजे 58.2 मीटर दर्ज किया गया। बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को छूने के कगार पर पहुंच गया है। शुक्रवार को सुबह 8 बजे बलिया में गंगा का जलस्तर 54.24 मीटर दर्ज किया गया। बलिया में चेतावनी बिंदु 56.615 मीटर पर है। संभावना जताई जा रही है कि बलिया में एक-दो दिन में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को छू देगा।












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