Flashback 2022: दो लाख के इनामी बदमाश के एनकाउंटर के बाद वाराणसी में लगे थे 'बुलडोजर बाबा' के नारे
वाराणसी में इस वर्ष मार्च महीने में दो लाख के इनामी बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू सिंह को एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। बदमाश के मारे जाने पर स्थानीय लोगों ने बुलडोजर बाबा के नारे लगाए थे।

Flashback 2022: वर्ष 2022 में वाराणसी में कई एनकाउंटर हुए। लेकिन इन सबके लिए वाराणसी के रिंग रोड फेज दो पर मार्च महीने में हुआ एनकाउंटर काफी चर्चा में रहा। रिंग रोड फेज 2 पर पुलिस ने दो लाख के इनामी बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू को एसटीएफ ने मार गिराया था। बदमाश एनकाउंटर होने के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने बुलडोजर बाबा का नारा लगाने के साथ ही एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को माला पहनाकर उनका स्वागत करते हुए कंधे पर उठा लिया था। इसके अलावा 21 नवंबर को भी रिंग रोड फेज एक पर एनकाउंटर हुआ था। जिसमें बिहार के रहने वाले दो शातिर अपराधियों को पुलिस टीम ने मार गिराया था। दोनों शातिर अपराधी सगे भाई थे और रोहनिया थाना क्षेत्र में दरोगा को गोली मार कर सरकारी पिस्टल लूट लिए थे।

दर्ज थे 30 से अधिक मुकदमे
वाराणसी जिले के लंका थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर निवासी अनिल सिंह का बेटा मनीष सिंह 'सोनू' बचपन से ही चोलापुर के उंदी गांव में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहता था। सोनू शुरू से ही अपराधिक मानसिकता का था। सोनू के ऊपर वाराणसी के अलावा मिर्जापुर और आजमगढ़ सहित अन्य जनपदों में भी हत्या और लूट जैसे कई संगीन अपराध में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। अधिकारियों द्वारा उसके ऊपर दो लाख का इनाम घोषित किया गया था। वाराणसी के चौकाघाट में हुए डबल मर्डर और पत्रकार एनडी तिवारी मर्डर में उसकी संलिप्तता नजर आई थी। पीने दो हत्याओं के अलावा पैसा वसूली के दौरान मनीष सिंह उर्फ सोनू ने एक मैनेजर की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। सोनू सिंह अपराध जगत में पिछले 10 वर्षों से सक्रियता और पुलिस की पकड़ से बाहर था।

दोनों तरफ से चली थी गोलियां
मुखबीर के माध्यम से एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मनीष सिंह उर्फ सोनू अपने साथी के साथ बाइक पर सवार होकर वाराणसी से राजातालाब की तरफ जा रहा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उसे सर्विस लेन पर दोनों तरफ से घेर लिया। पुलिस द्वारा घेराबंदी किए जाने के बाद बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू सिंह पुलिस टीम के ऊपर फायर करने लगा। पुलिस टीम द्वारा भी उसके ऊपर जवाबी फायरिंग की गई। दोनों तरफ से खड़ा कर गोलियां चलने लगी इसी बीच पुलिस की गोली लगने से बदमाश मनीष सिंह सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारियों के सूचना देने के साथ ही बदमाश को अस्पताल में पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मनीष सिंह सोनू के साथ मौजूद उसका साथी बदमाश पुलिस टीम से बच कर मौके से भाग निकला।

मारे जाने की सूचना के बाद पहुंचे थे पीड़ितों के परिजन
बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू के मारे जाने की सूचना जब पीड़ितों के परिजनों को हुई तो परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए और बुलडोजर बाबा जिंदाबाद का नारा लगाए। इसके अलावा मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को माला पहनाने के साथ ही लोगों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। सोनू सिंह ने वर्ष 2021 में पत्रकार एनडी तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी, ऐसे में पत्रकार एनडी तिवारी के भाई डीपी तिवारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों को धन्यवाद दिया। बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू के मारे जाने पर डीपी तिवारी ने कहा कि उनके बड़े भाई की आत्मा को अब शांति मिली होगी। इसी तरह अन्य पीड़ित परिवारों के लोग भी पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।

रिंग रोड पर सुबह-सुबह तक तड़तड़ाई गोलियां
बीते 21 नवंबर को वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र के भेलखा गांव में रिंग रोड पर वर्ष 2022 का दूसरा सबसे बड़ा एनकाउंटर हुआ। इस एनकाउंटर में बिहार के रहने वाले दो सगे भाई मारे गए। दोनों सगे भाई रोहनिया थाना क्षेत्र के जगतपुर के समीप दरोगा अजय यादव को गोली मारकर सरकारी पिस्टल लूट लिए थे। मारे जाने के बाद दोनों बदमाशों की पहचान बिहार के समस्तीपुर मोहद्दीपुर निवासी मनीष सिंह और रजनीश सिंह उर्फ बऊआ के रूप में की गई। एनकाउंटर के दौरान मारे गए दोनों बदमाशों के पास से पुलिस टीम ने दरोगा से लूटी गई पिस्टल भी बरामद की थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को डीजीपी द्वारा पुरस्कृत भी किया गया, इसके अलावा प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।












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