वाराणसी : नवजात शिशु का DNA टेस्ट कराना चाहते हैं पैरेंट्स, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे
बीएचयू के एमसीएच विंग में भर्ती एक महिला के प्रसव के बाद बच्चा बदले जाने का मामला सामने आया है, ऐसे में अब नवजात का डीएनए टेस्ट कराया
वाराणसी, 29 सितंबर : वाराणसी के बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के एमसीएच विंग में भर्ती एक महिला का प्रसव होने के बाद अब उसके बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। नवजात बच्चे की मां और उसके पिता तथा परिवार के लोग खुद डीएनए टेस्ट कराना चाहते हैं, जिससे यह पता चल सके कि बच्चा उनका है या किसी दूसरे का है। परिजनों द्वारा डीएनए टेस्ट कराए जाने की मांग किए जाने के बाद डीएनए जांच के लिए सैंपल हैदराबाद भेजा जाएगा जहां डीएनए जांच की जाएगी।

बीएचयू में ऑपरेशन से हुई थी डिलीवरी
दरअसल साकेत नगर लंका की रहने वाली एक महिला गर्भवती थी। मंगलवार रात को उसे बीएचयू के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया। रात में उसे प्रसव पीड़ा हुई और नॉर्मल डिलीवरी न होने की स्थिति में मंगलवार की देर रात ऑपरेशन करके डिलीवरी कराई गई। इस दौरान वहां मौजूद डॉक्टर और अन्य स्टाफ द्वारा बताया गया कि उन्हें बेटा हुआ है। परिवार वाले भी यह जानने के बाद काफी खुश हुए मिठाइयां भी बांटी गई।

रात में बेटा और सुबह में मिली बेटी
ऑपरेशन से डिलीवरी होने के बाद जच्चा बच्चा भी स्वस्थ बताया गया। रात के परिजन खुशियां मनाने लगे इधर सुबह में पता चला कि बेटा नहीं बेटी है। यह जानने के बाद बच्चे के माता-पिता हैरान हो गए और रजिस्टर में जाकर देखें तो पता चला कि वहां पर पहले मेल लिखा गया था उसके बाद उसे ही काट कर फीमेल बना दिया गया। ऐसे में मासूम के पेरेंट्स के मन में शंका बढ़ने लगी।

इस कारण डीएनए टेस्ट कराने की उठी मांग
बच्चे के पेरेंट्स का कहना है कि पहले जब चिकित्सकों द्वारा बेटा बताया गया तो बेटी कैसे हो गई। ऐसे में लोगों को शक है कि उनके बच्चे को बदल दिया गया। ऐसे में उनका कहना है कि यह बेटी उनकी नहीं है। इस बात को लेकर बुधवार की रात में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। बाद में परिजनों ने कहा कि मासूम बच्ची का डीएनए टेस्ट कराया जाए जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह उनकी बेटी या नहीं? ऐसे में अब उस नवजात का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।












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