Diwali 2022: काशी में मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए भक्तों की लगी लंबी कतार
Diwali 2022 पर्व पर काशी में स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शनार्थियों का रेला उमड़ा हुआ है, मां अन्नपूर्णा का स्वर्णमई दर्शन करने वाले भक्तों को प्रसाद के रूप में चांदी के सिक्के दिए जा रहे हैं
Diwali 2022: काशी में स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शनार्थियों का रेला उमड़ा हुआ है। सुबह 4:00 बजे से ही दर्शनार्थी माता रानी का दर्शन कर रहे हैं। इस बार मां अन्नपूर्णा का दर्शन करने के लिए आने वाले भक्तों को प्रसाद के रूप में चांदी के सिक्के वितरित किए जा रहे हैं। वही मां अन्नपूर्णा का दर्शन करने के लिए पहुंचे दर्शनार्थियों की सुरक्षा हेतु भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए मां अन्नपूर्णा मंदिर द्वारा नाश्ते आदि का भी प्रबंध किया गया है।

सूर्य ग्रहण के कारण साढे 5 घंटे बंद रहेगा मंदिर
रविवार को अलसुबह से ही माता रानी का दर्शन प्रारंभ हुआ और दर्शन का यह सिलसिला 4 दिनों तक चलता रहेगा। 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण के कारण साढ़े 5 घंटे मंदिर का कपाट बंद रहेगा इस दौरान भक्त मां का दर्शन नहीं कर पाएंगे। बताया गया कि सूर्य ग्रहण लगने पर दोपहर 2:00 बजे मंदिर का कपाट बंद कर दिया जाएगा और मोक्ष के 1 घंटे बाद 7:30 बजे मंदिर का कपाट खोला जाएगा।

अन्नकूट के दिन लगाया जाएगा 56 प्रकार का भोग
26 अक्टूबर को अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा, इस दौरान मां अन्नपूर्णा को 56 प्रकार का भोग लगाया जाएगा। यह भी बताया गया कि अन्नकूट के दिन सुबह 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक भक्त मां अन्नपूर्णा का दर्शन कर पाएंगे। मां अन्नपूर्णा प्राचीन मंदिर के महंत शंकरपुरी द्वारा बताया गया कि काशी का यह मंदिर हिंदुस्तान का एकलौता मंदिर है जहां माता अन्नपूर्णेश्वरी देवी, माता लक्ष्मी देवी और माता भूमि देवी एक साथ स्वर्णमई रूप में विराजमान हैं।

बाबा धाम में स्थित मां दरबार में भी भक्तों ने किए दर्शन
श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित माता अन्नपूर्णा दरबार में रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और घर में कभी भी अन्न धन की कमी न होने की कामना की। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मंगला आरती के पश्चात माता अन्नपूर्णा की विधि विधान से भव्य आरती उतारी गई। आचार्य राजेश पाठक पंडित अमरनाथ बाबू महाराज सहित कई वैदिक ब्राह्मणों ने माता की भव्य आरती उतारी गई। आरती के पश्चात माता का दर्शन के लिए पट खोल दिया गया। इसके बाद आम दर्शनार्थियों ने माता का दर्शन किया।












Click it and Unblock the Notifications