Kartik Purnima 2020: प्रयागराज और काशी में श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
वाराणसी/प्रयागराज। कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर संगमनगरी प्रयागराज और वाराणसी के घाटों पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व नजारा दिखा। भोर से ही बड़ी संख्या में दूर-दराज से आये श्रद्धालुओं ने घाटों पर गंगा स्नान किया। कार्तिक मास की पूर्णिमा को गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि आज के दिन जो भी भक्त सच्चे मन और विशवास के साथ मां गंगा में स्नान करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं ज़रूर पूरी होती हैं।

गंगा के किनारे आस्था का जन सैलाब
बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा के किनारे आस्था का जन सैलाब नज़र आया। सूर्य की पहली किरण के साथ हर कोई मां गंगा में डुबकी लगा कर पुण्य कमाना चाहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज का दिन विशेष फल दायक है। आज के दिन जो भी भक्त सच्चे मन और विशवास के साथ मां गंगा में स्नान करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं ज़रूर पूरी होती हैं। पर्वों की नगरी वाराणसी में हर त्योहार का एक विशेष महत्व है और स्कन्द पुराण की मानें तो आज के दिन स्वर्ग से देवतागण पृथ्वी पर आतें है, इसलिए भोले नाथ की नगरी में मां गंगा में स्नान और पूजन करने से शिव के संग भगवान् विष्णु भी प्रसन्न होतें हैं। इससे भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ती होती है। भक्तों की भारी भीड़ इस विश्वास के साथ ही यहां आई है।
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आज के ही दिन 33 करोड़ देवी-देवता धरा पर होते हैं प्रकट
पुजारी बालेश्वर तिवारी कहते हैं कि आज के दिन गंगा स्नान करने के बाद काले तिल और आंवले का दान किया जाता है। पुजारी ने बताया कि पूरे कार्तिक मास को ही देवताओं को समर्पित किया गया है, लेकिन इस माह में भी सबसे फलदायक तिथि कार्तिक पूर्णिमा की है क्योंकि आज के ही दिन 33 करोड़ देवी-देवता इस धरा पर प्रकट होते हैं।












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