Dev Deepawali 2022: घटने लगा गंगा नदी का जलस्तर, नाविकों के चेहरे पर आई रौनक
Dev Deepawali 2022 के पहले वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो जाने के चलते चिंतित लोगों की मुश्किलें अब कम हो गई हैं, गंगा नदी का जलस्तर रविवार से घटने लगा है
Dev Deepawali 2022 के पहले वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो जाने के चलते चिंतित लोगों की मुश्किलें अब कम हो गई हैं। गंगा नदी का जलस्तर रविवार से घटने लगा है। रविवार को गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में अब घाट किनारे रहने वाले पंडा पुजारियों और नाविक काफी खुश नजर आ रहे हैं। नाविकों का कहना है कि करीब एक सप्ताह में गंगा नदी का जलस्तर सामान्य हो जाएगा उसके बाद नौका संचालन प्रारंभ हो जाएगी। नौका संचालन बंद होने से पर्यटकों का आवागमन भी ठप हो गया था और नाविक काफी परेशान थे।

सभी घाटों का टूट चुका है संपर्क
गंगा में आई बाढ़ के चलते वाराणसी के सभी घाटों का संपर्क एक दूसरे से टूट चुका है। एक घाट से दूसरे घाट तक जाने के लिए लोगों को गलियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। घाटों का संपर्क टूट जाने और सीढ़ियों के डूब जाने के चलते वाराणसी में भव्य रुप से मनाई जाने वाली देव दीपावली की भव्यता पर भी संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे थे। हालांकि अब जलस्तर में कमी होने के चलते दीप जलाने वाले स्थानों पर चिन्हांकन का कार्य इसी सप्ताह शुरू हो सकता है।

गलियों में हो रहा शवदाह, आरती स्थल भी बदल
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते वाराणसी के मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर रविवार को भी गलियों में शवदाह किया गया। स्थान में कमी होने के चलते शवदाह के लिए आने वाले लोगों को लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। हरिश्चंद्र घाट की गलियों में दोपहर में एक साथ आधा दर्जन चिता जलती नजर आईं। इसके अलावा गंगा नदी में बढ़े हुए जलस्तर के चलते अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर की जाने वाली आरती के स्थान को भी परिवर्तित कर दिया गया है।

वाराणसी में जलाए जाएंगे 10 हजार दीये
यह भी बता दें कि इस बार देव दीपावली पर्व पर वाराणसी में दस लाख दिये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूर्व में ही सूचना जारी करके बताया गया था। हालांकि बाद में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संशय जरूर हुआ था, लेकिन अब अधिकारियों का कहना है कि गंगा नदी का जलस्तर घटने लगा है। ऐसे में देव दीपावली काफी भव्य रुप से मनाई जाएगी। काशी में मंदिरों और सीढ़ियों तथा घाट के किनारे चंद्राकार में 8 लाख दीप जलाए जाएंगे और गंगा पार रेती में दो लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है।












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