Dev Deepawali 2022: वाराणसी में 6 सेमी प्रति घंटे बढ़ रहा गंगा जलस्तर, नौका संचालन पर फिर से लगी रोक
Dev Deepawali 2022 वाराणसी में एक बार फिर गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है, घाटों का एक दूसरे से संपर्क टूट रहा है ऐसे में देव दीपावली की भव्यता पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं
Dev Deepawali 2022: वाराणसी में एक बार फिर गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि होने लगी है, गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए नौका संचालन पर रोक लगा दिया गया है। ऐसे में देव दीपावली की भव्यता पर भी संकट के बादल मंडराते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को गंगा के जलस्तर में 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि यदि इसी तरह गंगा के जलस्तर में वृद्धि होती रही तो देव दीपावली पर घाट किनारे और गंगा पार रामनगर की तरफ रेत पर इस बार दीये नहीं जल पाएंगे।

चेतावनी बिंदु से 3.68 मीटर दूर है जलस्तर
वाराणसी में गंगा का जलस्तर 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, गुरुवार को गंगा का जलस्तर 66.58 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी 3.68 मीटर दूर है। वाराणसी में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर तथा खतरा बिंदु 71.262 मीटर है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वाराणसी में नौका संचालन पर गुरुवार से रोक लगा दी गई। नौका संचालन बंद किए जाने के चलते नाविकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले माह भी गंगा नदी में जलस्तर बढ़ जाने के चलते नौका संचालन पर रोक लगाई गई थी। ऐसे में नाविकों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो उनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगा।

देव दीपावली पर नौका बुकिंग भी मुश्किल
वाराणसी में देव दीपावली के दिन काफी संख्या में स्थानीय नागरिक और पर्यटक काशी में गंगा किनारे और घाटों पर भ्रमण करने के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान घाट किनारे और मंदिरों में की गई सजावट को देखने के लिए लोग नौका की बुकिंग भी करते हैं। अभी कुछ दिन पूर्व जब वाराणसी में नौका संचालन को शुरू किया गया उसके बाद नौका बुकिंग भी शुरू हुई थी। नाविकों का कहना है कि अब नौका की बुकिंग भी मुश्किल है। जिन लोगों द्वारा नौका की बुकिंग की गई है, वह भी परेशान नजर आ रहे हैं।

देव दीपावली की भव्यता पर संकट के बादल
पर्यटन विभाग द्वारा काशी में दस लाख दीये जलाए जाने की बात कही जा रही है। पर्यटन उप निदेशक प्रीति श्रीवास्तव द्वारा इस बारे में पिछले दिनों सूचना जारी करते हुए बताया गया था कि काशी के गंगा घाट पर अर्धचंद्राकार में आठ लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके अलावा गंगा पार रेत पर करीब दो लाख दीप जलाए जाने की संभावना जताई गई थी। गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि होने लगी है ऐसे में दीप जलाने के लिए वहां पर चिन्हांकन करना मुश्किल हो है। आयोजन समिति से जुड़े लोगों द्वारा बताया गया कि यदि गंगा का पानी शीघ्र कम नहीं होता है तो इसका असर देव दीपावली की भव्यता पर जरूर पड़ेगा।












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