INS Vikrant ऐतिहासिक उपलब्धि, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है भारत - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
वाराणसी पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा की INS Vikrant भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, उन्होने यह भी कहा कि भारत अब हर दिशाओं में आत्मनिर्भर बन रहा है।
वाराणसी, 02 सितंबर : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को सायं काल वाराणसी पहुंचे। वाराणसी पहुंचने पर सर्किट हाउस में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि INS Vikrant भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में 6 ऐसे देश हैं जो कैरियर एयरक्राफ्ट बनाने का काम करते हैं। INS Vikrant बनाने के बाद भारत दुनियां का सातवां देश बना है, जिसने कैरियर एयरक्राफ्ट बनाने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा के क्षेत्र में प्रगति हो रही है। रक्षा के क्षेत्र के साथ ही अन्य विभिन्न क्षेत्रों में भी तेजी से प्रगति हो रही है और भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।

एयरपोर्ट पर काफिला रोककर किए मुलाकात
मालूम हो कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय वायुसेना के विमान से सायं करीब 4:30 बजे वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। हवाई अड्डे पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, सांसद बीपी सरोज, हेमंत शर्मा, महेश शर्मा, महेश चंद्र श्रीवास्तव के अलावा भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं ने रक्षा मंत्री की आगवानी की। इसके बाद एयरपोर्ट के वीआईपी गेट संख्या 3 से रक्षा मंत्री का काफिला जैसे ही बाहर निकला वहां पर काफी संख्या में मौजूद समर्थक नारेबाजी करने लगे। गाड़ी से उतरकर रक्षा मंत्री अपने समर्थकों से मुलाकात किये उसके बाद सड़क मार्ग से सर्किट हाउस के लिए प्रस्थान कर गए।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में पुस्तक का किए विमोचन
सर्किट हाउस में थोड़ी देर तक रुकने के बाद रक्षा मंत्री वाराणसी के सिगरा में स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के लिए प्रस्थान कर गए। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में प्रख्यात लेखक हेमंत शर्मा द्वारा लिखी गई पुस्तक 'देखो हमरी काशी' के विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता की गई। कार्यक्रम में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे।

बोले- हमहूं काशीयै के रहे वाला हई
काशी का महात्म्य क्या है इसे मुझे बताने की आवश्यकता नहीं है। जैसे आत्मा, अजर अमर है उसी तरह काशी है। काशी में रहने वाले सभी लोगों की आत्मा में काशी बसती है। संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि हमहूं काशीयै के रहे वाला हई। भोजपुर में उनका संबोधन सुनने के बाद लोग तालियां बजाने लगे। उसके बाद उन्होंन श्री काशी विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा की पुण्य भूमि काशी को नमन भी किया। कहा कि 'देखो हमरी काशी' में मानवीय संवेदनाओं का यथार्थ चित्रण है। खेल-खेल में वे व्यक्ति चित्र के साथ काशी का सांस्कृतिक इतिहास भी लिख गए हैं। 'देखो हमरी काशी' बिलकुल मस्त और फक्कड़ बनारसी शैली में लिखी गई किताब है।












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