NIA के डिप्टी एसपी और उनकी पत्नी के हत्यारे कुख्यात अपराधी मुनीर अहमद की BHU में मौत, सुनाई गई थी फांसी की सजा

सोनभद्र जिला जेल में बंद कुख्यात अपराधी मुनीर अहमद की सोमवार की सुबह बीएचयू में उपचार के दौरान मौत हो गई। वर्ष 2016 में NIA के डिप्टी एसपी और उनकी पत्नी के हत्या के मामले में मुनीर बिजनौर न्यायालय द्वारा को फांसी की सजा

वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल में सोमवार को कुख्यात अपराधी मुनीर अहमद की इलाज के दौरान मौत हो गई। मुनीर अहमद वर्ष 2016 में NIA के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या कर दी थी। इस मामले में न्यायालय द्वारा मुनीर को फांसी की सजा सुनाई गई थी। मुनीर सोनभद्र जिला जेल में बंद था, यूरिन इन्फेक्शन होने के चलते उसे कोई दिन पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पर स्थिति में सुधार न होने के चलते शनिवार को वाराणसी के BHU में स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में लाया गया था।

33 राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मुकदमें

33 राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मुकदमें

2 अप्रैल वर्ष 2016 के दिन बिजनौर के सहसपुर में NIA के तंजील अहमद अपनी भांजी की शादी समारोह में शामिल होने के लिए पत्नी फरजाना के साथ गए थे। भांजी की शादी में शामिल होने के बाद डिप्टी एसपी और उनकी पत्नी वापस लौट रहे थे उसी समय गोलियों से भून कर उनकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद पूरे प्रदेश और केंद्र में हड़कंप मच गया था। इस वारदात को आतंकवादी घटनाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा था। बाद में पुलिस की जांच पड़ताल में पता चला कि डिप्टी एसपी के पड़ोस में रहने वाले मुनीर अहमद, रिहान और उनके साथियों द्वारा घटना को अंजाम दी गई थी।

इसी साल सुनाई गई थी फांसी की सजा

इसी साल सुनाई गई थी फांसी की सजा

बिजनौर स्थित अपर जिला सत्र न्यायाधीश डॉ विजय कुमार की कोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान 19 लोगों की गवाही हुई और करीब 6 साल बाद 21 मई 2022 को गिरफ्तार मुनीर अहमद और रिहान को फांसी की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा साथी तंजीम, रिजवान और जैनी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद मुनीर को सोनभद्र जिला जेल में बंद किया गया था। सोनभद्र जिला जेल में बीते 17 नवंबर को मुनीर की तबीयत खराब हुई। उसके बाद उसे सोनभद्र जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर वहां से बीएचयू स्थित सर सुंदर लाल अस्पताल में लाया गया। सर सुंदर लाल अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार को मुनीर की मौत हो गई।

यूरिन सिस्टम हो गया था डैमेज

यूरिन सिस्टम हो गया था डैमेज

चिकित्सकों का कहना है कि मुनीर का यूरिन सिस्टम डैमेज हो गया था तथा उसे ब्लड प्रेशर की भी शिकायत थी। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि डाक्टरों के पैनल द्वारा मृत अपराधी की पोस्टमार्टम की जाएगी। पोस्टमार्टम के दौरान वीडियो भी बनाया जाएगा। उसके बाद उसके शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

कौन थे तंजील अहमद

  • तंजील अहमद ने इंडियन के कई ऑपरेटिव्‍य की गिरफ्तारी में अहम भूमिका अदा की थी।
  • इंडियन मुजाहिद्दीन के फाउंडर यासिन भटकल की गिरफ्तारी और जांच में उनकी भूमिका उल्‍लेखनीय है।
  • 49 वर्ष के तंजील का जन्‍म नौ जुलाई 1968 को हुआ था।
  • बीएसएफ के डायरेक्‍ट एंट्री सब-इंसपेक्‍टर के एग्‍जाम को पास करने के साथ वह इसका हिस्‍सा बने।
  • वर्ष 2009 में उनकी रैंक बढ़ और साथ एनआईए में डेप्‍यूटेशन के लिए भेजे गए थे।
  • एनआईए ज्‍वॉइन करने से पहले वह बीएसएफ की विजिलेंस कवर टीम का हिस्‍सा थे।

बीएसफ ट्रेनिंग एकेडमी के ट्रेनर

  • वह हजारीबाग स्थित ट्रेंनिंग सेंटर और मध्‍य प्रदेश के टेकानपुर स्थित बीएसएफ एकेडमी के ट्रेनर भी रहे थे।
  • उनके पड़ोसियों की मानें तो वह कभी पांच टाइम की नमाज पढ़ना नहीं भूलते थे।
  • पिछले छह वर्षों में वह एनआईए के साथ हर बड़े केस की जांच में शामिल थे।
  • अधिकारी उन्‍हें इंटेलीजेंस में सर्वश्रेष्‍ठ करार देते हैं।
  • इसलिए उन्‍हें पहले एनआईए की इंटेलीजेंस टीम में रखा गया।
  • बाद में जांच टीम का हिस्‍सा बना दिया गया था।
  • वह टेरर फंडिंग और फेक करेंसी सेल के साथ जुड़े हुए थे।
  • अहमद ने करीब एक वर्ष पहले सेल को ज्‍वॉइन किया था।
  • वह कभी भी किसी केस की जांच से मुंह नहीं मोड़ते थे।

उर्दू और पर्शियन के मास्‍टर

  • सूत्रों की मानें तो अहमद को उर्दू और पर्शियन भाषा का अच्‍छा ज्ञान था।
  • इस वजह से वह कई ऑपरेशंस की सफलता में सबसे अहम किरदार साबित हुए।
  • वह दानिश रियाज और यासिन भटकल का पता लगाने में एक अहम कड़ी थे।
  • अहदम की वजह से इंडियन मुजाहिद्दीन के ऑपरेटिव दानिश रियाज को गिरफ्तार किया जा सका था।
  • अहमद ने उस मोबाइल का पता लगाया जिससे यासिन भटकल ने अपनी पत्‍नी जाहिदा से बात की थी।
  • यासिन उस समय नेपाल में था और उसका फोन उसका जूनियर तहसीन अख्‍तर लेकर आया था।
  • जो फोन यासिन ने दिया था तहसीन को उसे राजस्‍थान में मौजूद उसकी पत्‍नी जाहिदा को देना था।
  • फोन की वजह से ही इंटेलीजेंस एजेंसियों को पता लग सका कि यासिन नेपाल में है।
  • अहमद ने ही आईएसआईएस के मॉड्यूल का पता लगाया था।
  • अक्‍टूबर 2014 में हुए बर्दवान ब्‍लास्‍ट केस में कई संदिग्‍धों की गिरफ्तारी भी उनकी वजह से हुई थी।

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