Akanksha Dubey की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हैरान करने वाली बात आई सामने, पेट में मिला था 20 एमएल ब्राउन लिक्विड
आकांक्षा दुबे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हैरान करने वाली बात सामने आई है। इस रिपोर्ट को आकांक्षा दुबे केस के वकील ने शेयर किया है। आकांक्षा के पेट में ब्राउन लिक्विड पाया गया था।

भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री akanksha dubey मौत के मामले में अब एक बार फिर हैरान करने वाली बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि आकांक्षा के गले में ही नहीं कलाई में भी चोट के निशान मिले थे।

आकांक्षा दुबे केस के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा आकांक्षा दुबे की मौत के बाद की गई पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को शेयर किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आकांक्षा के पेट में ब्राउन लिक्विड भी मिलने की बात सामने आई है।

पुलिस द्वारा यह बताया गया था कि आकांक्षा की मौत हैंगिंग के चलते हुई थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कलाई में चोट की बात सामने आने के बाद पुलिस भी खुद से बताई गई बाद में उलझी हुई नजर आ रही है।
आकांक्षा ने नहीं किया था शराब का सेवन: होटल कर्मियों द्वारा दावा किया गया था कि रात में होटल पहुंचीं आकांक्षा दुबे नशे में प्रतीत हो रही थीं। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आकांक्षा दुबे के शरीर में अल्कोहल नहीं पाया गया।

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि आकांक्षा दुबे के पेट में भोजन भी नहीं पाया गया और आकांक्षा दुबे का पेट पूरी तरह खाली था। केवल 20 एमएल का भूरे रंग का कोई लिक्विड मिला था।
11 हजार का खाना फिर गया कहां?: वकील शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा यह भी दावा किया गया कि जिस बार में अंतिम बार आकांक्षा दुबे को पार्टी के लिए बुलाया गया था उसमें आकांक्षा के अलावा दो अन्य लोग शामिल थे।
एक टेबल अरुण पांडेय श्रद्धा पांडेय के नाम से बुक था। इन दोनों लोगों के अलावा आकांक्षा दुबे भी शामिल थीं। ऐसे में पार्टी में 11 हजार का बिल बनाया गया और पीएम रिपोर्ट से पता चलता है कि आकांक्षा ने कुछ खाया भी नहीं था।
ऐसे में अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा सवाल उठाया जा रहा है कि 11 हजार रुपए क्यों लिए गए थे? उस पार्टी में क्या कुछ हुआ था तथा आकांक्षा दुबे के पेट में जो भूरे रंग का लिक्विड पाया गया था वह क्या है?
अधिवक्ता द्वारा ऐसे कई सवाल उठाए जाने के बाद पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। वहीं अभी तक इस मामले में आरोपी समर सिंह को सारनाथ थाने की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

भोजपुरी सिंगर समर सिंह को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस द्वारा जगह-जगह छापेमारी की जा रही है लेकिन मोबाइल बंद होने के चलते समर सिंह का वास्तविक लोकेशन पुलिस को नहीं मिल पा रहा है।
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