पिथौरागढ़ में सेना की टेरिटोरियल भर्ती के दौरान क्यों हुई भगदड़, प्रशासन ने बताई असली वजह
पिथौरागढ़ में सेना की टेरिटोरियल भर्ती के दौरान हुई अव्यवस्थाएं और भगदड़ को लेकर जिला प्रशासन की और से सफाई जारी की गई है। प्रशासन ने इसके लिए बिहार के दानापुर में अचानक निरस्त की गई भर्ती प्रक्रिया और सूचना समय पर न मिलने को बड़ी वजह बताया है।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया है कि पिथौरागढ़ में जारी सेना की टेरिटोरियल भर्ती के सम्बन्ध में सेना के टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती के लिये देश के अन्य राज्यों सहित उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ में भर्ती आयोजित होनी थी।

जिसके लिए दिनांक 12 नवंबर से 24 नवंबर तक विभिन्न तिथियों में विभिन्न राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए दो दो दिन निर्धारित थे। जिला अधिकारी ने बताया कि भर्ती रैली की तैयारियों के सम्बन्ध में प्रारम्भिक बैठक टेरिटोरियल आर्मी के कर्नल उत्तम कुमार सिंह, 111 पैदल वाहिनी (प्रा०से०) कुमाऊँ के साथ 8 नवंबर को जिला प्रशासन के साथ आयोजित की गयी, जिसमें अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कर्नल सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि यह भर्ती उत्तराखण्ड राज्य के लिये 113 तथा अन्य राज्यों के लिये 411 पदों के सापेक्ष आयोजित की जा रही है।
बैठक में कर्नल सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि अन्य राज्यों के निर्धारित तिथियों में अभ्यर्थियों की भीड़ कम रहेगी, लेकिन उत्तराखण्ड के लिए निर्धारित तिथियों में अभ्यर्थियों की अधिक संख्या होने की सम्भावना है। इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी, क्योंकि सम्बन्धित राज्यों के अन्तर्गत उनके राज्य अथवा नजदीकी राज्य में भर्ती का आयोजन किया जा रहा है, जिस कारण अन्य राज्यों से अभ्यर्थियों की संख्या कम रहेगी।
कर्नल सिंह द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि टेरिटोरियल आर्मी की भर्ती सागर (मध्यप्रदेश), दानापुर ( बिहार ) तथा उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ में भी आयोजित होनी है। बैठक के बाद इस आधार पर कि पिथौरागढ़ में उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित तिथियों को विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी पिथौरागढ़ आ सकते हैं, के मध्येनजर उनके आवागमन के लिए अतिरिक्त वाहनों / बसों की व्यवस्था के लिये उत्तराखण्ड परिवहन निगम व परिवहन विभाग से 11 नवम्बर 2024 को अनुरोध किया गया।
इस बीच बिहार राज्य के दानापुर में जो भर्ती उत्तर प्रदेश के लिए जारी थी, उसे टेरिटोरियल आर्मी ने 17 नवंबर को अचानक निरस्त कर दिया और इसकी सूचना जिला प्रशासन को पत्र के माध्यम से 18 नवंबर को मिली। सेना के अधिकारियों ने इस सम्बन्ध में न कोई फोन किया गया और न ही ईमेल। बिहार की भर्ती निरस्त होने से उत्तर प्रदेश राज्य के जो अभ्यर्थी दानापुर (बिहार) में प्रतिभाग करते, वे अभ्यर्थी पिथौरागढ़ में उत्तर प्रदेश राज्य के लिए निर्धारित तिथियों में प्रतिभाग करने के लिये 18 एवं 19 नवम्बर 2024 को ट्रेन के माध्यम से टनकपुर पहुंच गये।
टनकपुर में अभ्यर्थियों की अत्यधिक भीड़ होने सूचना जब 18 नवंबर को जब प्राप्त हुई, तो परिवहन विभाग से 10-15 हजार अभ्यर्थियों के आवागमन के लिए अतिरिक्त बसों को संचालित करने का अनुरोध किया गया। 12 नवंबर से 17 नवंबर तक उत्तराखण्ड परिवहन निगम की 30 बसें प्रतिदिन उपलब्ध थी, इसके अतिरिक्त टैक्सियां भी पर्याप्त मात्रा में अभ्यर्थियों के आवागमन हेतु उपलब्ध थी, जिस कारण से 17 नवंबर तक भर्ती प्रक्रिया सुचारू रूप से चलते रही।
वर्तमान में परिवहन की जो अतिरिक्त आवश्यकता पड़ी है, इसका मुख्य कारण दानापुर (बिहार) की भर्ती का अचानक निरस्त करना इस के लिए समय से प्रशासन को सूचना न देना तथा पुनः तिथियों का निर्धारण न करना रहा। इस कारण से जो अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों से सुगम मार्ग एवं ट्रेन आदि के माध्यम से दानापुर जा सकते थे, वे सभी अभ्यर्थी पिथौरागढ़ के लिये उमड़ पड़े, क्योंकि टेरिटोरियल आर्मी ने दानापुर की भर्ती की तिथियों का पुर्ननिर्धारण (Reshedule) नहीं किया।
जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दानापुर की तिथियों का पुर्ननिर्धारण 26 नवंबर से 01 दिसंबर तक किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि आज तक पिथौरागढ़ में लगभग 25 हजार अभ्यर्थी पहुंच चुके हैं, जिनमें से 18 हजार अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर 21 नवंबर की अपराहन तक वापस हो चुके हैं।












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