पूर्व सीएम हरीश रावत पर भाजपा की रणनीति को लेकर हरक सिंह क्यों नहीं सहमत, जानिए पूरा मामला

भाजपा कर रही पूर्व सीएम हरीश रावत को टारगेट, हरक सिंह ने रणनीति पर उठाए सवाल

देहरादून, 16 नवबंर। उत्तराखंड में भाजपा सत्ता में दोबारा ​काबिज होने के लिए कांग्रेस को लेकर पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। जिसके लिए भाजपा कांग्रेस चुनाव अभियान की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत को घेरने में जुटी है। जिसके लिए भाजपा रणनीति के तहत आए दिन हरीश रावत पर निशाना साध रही है। हालांकि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भाजपा की इस रणनीति को सही नहीं मानते हैं। इसके पीछे कारण भाजपा के हरीश रावत को निशाना बनाने से हरीश रावत को मिलने वाले राजनीतिक लाभ को माना जा रहा है। भाजपा जितना हरीश रावत को टारगेट करेगी। उससे हरीश रावत का कद और अधिक प्रभावशाली होता जाएगा। ऐसे में हरक सिंह ने हाईकमान को इशारों-इशारों में सलाह दी है कि हरीश रावत पर राजनीतिक हमले करने से बचना चाहिए।

Why Harak Singh does not agree with BJPs strategy on former CM Harish Rawat, know the whole matter

हरदा सभी पर भारी
उत्तराखंड कांग्रेस में इस समय पूर्व सीएम हरीश रावत अकेले दम पर भाजपा के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सोशल मीडिया से लेकर चुनावी मैदान में हरीश रावत के सियासी बाण भाजपा को धराशायी कर रहे हैं। ​जो कि भाजपा के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। भाजपा के दिग्गज नेताओं गृह मंत्री अमित शाह, सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश प्रभारियों ने भी पूर्व सीएम हरीश रावत को ही हमेशा निशाना बनाया है। जबकि कांग्रेस की और से अभी कोई भी सीनियर नेताओं ने उत्तराखंड का रुख नहीं किया है। ऐसे में हरीश रावत का उत्तराखंड और कांग्रेस में कद बढ़ता जा रहा है। जिसको लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह भी सहमत आ रहे हैं। हरक सिंह भी इस बात को अपने बयान के जरिए जाहिर कर चुके हैं कि भाजपा के हरीश रावत को टारगेट करने से वे और मजबूत हो जाएंगे।

भाजपा कर रही हरीश रावत को टारगेट
हालिया प्रकरण में पूर्व सीएम हरीश रावत ने रोजगार को लेकर भाजपा को चुनौती दी। इतना ही नहीं हरीश रावत ने भाजपा सरकार में अगर 3200 नौक‍रियां दी हो तो राजनीति छोड़ने की तक चुनौती दे डाली। जिसके बाद पहले शिक्षा मंत्री अ​रविंद पांडेय फिर कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल आंकड़े लेकर मैदान में उतर गए। सुबोध उनियाल ने तो 3500 नौकरियां गिनाने का दावा कर दिया और हरीश रावत को राजनीति छोड़ने की सलाह दे डाली। जिसके बाद हरीश रावत की भाजपा के नेताओं से जुबानी जंग शुरू हुई। इससे पहले भी इगास पर्व की छुट्टी को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी और पूर्व सीएम हरीश रावत में जमकर आरोप प्रत्यारोप हुए। धामी ने इगास और स्थानीय पर्व की छुट्टी करने की बात की और हरीश रावत पर कांग्रेस सरकार में शुक्रवार की छुट्टी करने का तंज कसा।

अमित शाह ने की शुरूआत, हरदा ने किया पलटवार

धामी से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे पूर्व सीएम हरीश रावत को चुनावी बहस के लिए ललकारा। उत्तराखंड के दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी सरकार के समय के घोषणा पत्र पर कितना काम किया है, इसको लेकर किसी भी चौराहे पर चर्चा करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करती है। इतना ही नहीं उन्होंने शुक्रवार को नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी पर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया। अमित शाह ने हरीश रावत पर डेनिस शराब और स्टिंग को लेकर भी घेरा। जिसके बाद हरीश रावत ने भाजपा की चुनौती को स्वीकार किया। इस बहस के बाद से भाजपा की हरीश रावत को घेरने की रणनीति सामने आ गई। हरीश रावत को निशाना बनाने से भाजपा की चुनावी संभावनाएं मजबूत होने को लेकर हरक सिंह ने कहा कि मेरा अनुभव बताता है कि जितना अधिक आप किसी प्रतिद्वंद्वी को निशाना बनाते हैं, वह उतना ही मजबूत होता जाता है। मेरी रणनीति अलग होती। मैं किसी ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाता, जिसे मैं दौड़ में शामिल करना चाहता। इस तरह से हरक सिं​ह ने भाजपा और हाईकमान को हरीश रावत को निशाना बनाने की रणनीति को बदलनी की राय दी है।

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