उत्तराखंड हाईकोर्ट की बेंच ऋषिकेश शिफ्ट करने को लेकर क्यों खड़ा हुआ विवाद, वकीलों के क्या हैं तर्क
उत्तराखंड हाईकोर्ट की बेंच ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल क्षेत्र में शिफ्ट करने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस बीच इस फैसले के विरोध और समर्थन में पक्ष आमने सामने हो गए है।
जिसको लेकर वकीलों के अपने अपने तर्क हैं। ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल क्षेत्र में हाईकोर्ट की बेंच शिफ्ट करने का आदेश जारी होते ही हाईकोर्ट बार में उबाल है। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच शिफ्टिंग का अलग-अलग तरीके से विरोध जताया।

इस बीच बृहस्पतिवार को हल्द्वानी बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सीएम से मुलाकात की और हाईकोर्ट बेंच शिफ्टिंग का विरोध किया। उन्होंने सीएम से कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य है, यहां हाईकोर्ट की दो बेंच बैठाने का कोई औचित्य नहीं है। कहा कि दो बेंच होने से वादकारियों और वकीलों के लिए समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
उधर पदाधिकारियों ने जजी परिसर में अधिवक्ताओं के लिए नए चैंबर बनाने की मांग भी रखी। बता दें कि मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार को हाईकोर्ट की एक बेंच को आईडीपीएल ऋषिकेश में स्थापित करने के लिए स्थान का परीक्षण कर रिपोर्ट देने के मौखिक आदेश दिए हैं। खंडपीठ के इस आदेश के बाद अधिवक्ता विरोध में उतर आए हैं।
इधर हाईकोर्ट की बेंच ऋषिकेश शिफ्ट किए जाने को लेकर पूरे गढ़वाल मंडल के वकील एकजुट होंगे। देहरादून में गढ़वाल मंडल की सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इनकी संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी आगामी सोमवार को हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगेंगे।
बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष राजीव शर्मा और सचिव राजबीर सिंह बिष्ट ने बताया कि बार एसोसिएशन की बेंच नजदीक लाने के लिए पिछले 44 सालों से आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की बेंच को आईडीपीएल ऋषिकेश में लाने का चीफ जस्टिस का फैसला सही साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नैनीताल पर्यटन स्थल होने के कारण वहां ठहराना काफी महंगा होता है। रेल और हवाई मार्ग की कनेक्टिविटी से भी काफी दूर है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को बेंच शिफ्ट करने के विरोध के फैसले को जनहित में वापस लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वहां की बार को इस फैसले का विरोध करने के बजाए स्वागत करना चाहिए। इस मामले में मजबूत जनसमर्थन के लिए शुक्रवार को दून में बैठक की जाएगी। इस बैठक में गढ़वाल मंडल की करीब 18 बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को शामिल होने के लिए बुलाया गया है
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