जानिए कौन हैं आईजी स्तर के IPS अधिकारी अरुण मोहन और नीरू गर्ग, जिनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर छिड़ा विवाद
IG-level IPS officers Arun Mohan and Neeru Garg उत्तराखंड में आईजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन और नीरू गर्ग के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीआईजी पद पर भेजने का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया हुआ है।
हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की मांग केंद्र सरकार ने की थी या राज्य सरकार ने स्वयं यह पहल की। अदालत ने राज्य और केंद्र सरकार से शपथपत्र देने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।

उत्तराखंड के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को बगैर उनके आवेदन के और अनिच्छा जाहिर किए जाने के बावजूद वर्तमान से नीचे के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। आईजी स्तर की अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीआईजी पद पर जबकि आईजी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डीआईजी के पद पर तैनात किया गया था।
अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया था। वे आईजी के पद पर हैं और उन्हें जबरन नीचे के डीआईजी पद पर भेजा जा रहा है। राज्य सरकार ने ही पहल करते हुए 16 फरवरी 2026 को इनके नाम गृह मंत्रालय को भेज दिए और केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर उनकी तैनाती तय कर दी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से आइपीएस अरुण मोहन जोशी, नीरू गर्ग व मुख्तार मोहसिन की केंद्र में प्रतिनियुक्ति के आदेश जारी किए थे। आइपीएस नीरु 2005 बैच की है और तीन अक्टूबर 2022 को आइजी बनी थी। चार फरवरी को उनकी ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट में डीआइजी पद पर प्रतिनियुक्ति के आदेश हुए थे। चार जनवरी को ही पहले राज्य सरकार की ओर से अरुण मोहन जोशी को डेपुटेशन पर भेजने का आदेश जारी किया गया, फिर उसी दिन आदेश वापस ले लिया गया।
अरुण को डीआइजी बीएसएफ बनाया गया था। तीन फरवरी को उन्हें अगले पांच साल के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की सूची से बाहर कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि जब उनका नाम केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से बाहर कर दिया था फिर उनका डिमोशन क्यों कर दिया गया। जबकि 2006 बैच के अरुण भी अक्टूबर 2022 में ही आइजी बने थे। अब दोनों अधिकारी कोर्ट की शरण में है।
आईपीएस अफसर अरुण मोहन जोशी उत्तराखंड नहीं बल्कि देश के सबसे युवा आईजी हैं। वह 40 साल की उम्र में आईजी बने हैं। जो कि एक रिकॉर्ड है। 2006 बैच के IPS अफसर अरुण मोहन जोशी उत्तराखंड के चकराता के रहने वाले हैं। वह साल 2006 में सबसे कम उम्र (23 वर्ष) में आईपीएस अफसर बने थे। अरुण मोहन जोशी ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की है।
-
Ayesha Takia ने मुस्लिम से निकाह के बाद होठों पर सहा इतना दर्द, बदल गई सूरत, तस्वीरों ने खोला राज! -
Monalisa निकली नाबालिग, मुस्लिम पति पर POCSO केस दर्ज, 16 की उम्र में कैसे हुई महाकुंभ वायरल गर्ल की शादी? -
Iran US War Peace Talks: संकट में ईरान-अमेरिका शांति वार्ता, नहीं गया ईरान! धरी रह गई शरीफ की तैयारी! -
Ayesha Takia Love Story: सलमान खान की हिंदू हीरोइन ने 23 साल की उम्र में इंटरफेथ लव मैरिज, क्या अपनाया इस्लाम? -
Yamuna Boat Capsized: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 लोगों की मौत, कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा? -
Gold Rate Today: सोने के दामों में लगातार गिरावट जारी, अब इस भाव में बिक रहा है 22K और 18k गोल्ड रेट -
West Bengal Elections 2026: '₹1000 करोड़ की डील', ओवैसी ने तोड़ा हुमायूं कबीर से गठबंधन, क्या है वजह? -
'पति के साथ काम करूंगी', शादी करते ही टॉप एक्ट्रेस का बर्बाद हुआ करियर, बदले तेवर और डूब गया स्टारडम -
Bihar में का बा? CM कौन होगा? BJP की बैठक से पहले सम्राट चौधरी-श्रेयसी सिंह को क्यों दिल्ली बुलाया? -
RR vs RCB: टॉस के बाद फिर से बारिश, कब शुरू होगा राजस्थान-आरसीबी मैच, नया टाइम हुआ निर्धारित -
Aamir Khan: इतनी मोहब्बत थी तो रीना को छोड़ा क्यों? आमिर के शराब पीने वाली बात पर क्यों भड़के लोग? -
Khawaja Asif Kids: इजरायल को 'कैंसर' कहने वाले PAK रक्षा मंत्री की कितनी औलादें? बेटियों के ठुमके हुए थे VIRAL












Click it and Unblock the Notifications