कांग्रेस का हरिद्वार और नैनीताल सीट पर कहां फंसा पेंच,जानिए पूर्व सीएम हरीश रावत की च्वाइस क्यों है जरूरी
उत्तराखंड में भाजपा ने पांचों सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। टिहरी से माला राज्य लक्ष्मी शाह, हरिद्वार से त्रिवेंद्र रावत, गढ़वाल से अनिल बलूनी, नैनीताल से अजय भट्ट और अल्मोड़ा से अजय टम्टा चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस ने अभी टिहरी, गढ़वाल और अल्मोड़ा सीट पर ही प्रत्याशियों की घोषणा की है।

टिहरी से जोत सिंह गुनसोला, अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा और गढ़वाल से गणेश गोदियाल के नामों का ऐलान हो चुका है। अब कांग्रेस की दूसरी लिस्ट का इंतजार है। कांग्रेस ने अभी टिहरी, गढ़वाल और अल्मोड़ा सीट पर ही प्रत्याशियों की घोषणा की है।
हरिद्वार और नैनीताल सीट पर ही नामों का इंतजार है। कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि दोनों सीटों पर पूर्व सीएम हरीश रावत से भी मंथन किया जा रहा है। इन दोनों सीटों पर हरीश रावत की च्वाइस काफी अहम मानी जा रही है। हरीश रावत इन दोनों सीटों पर चुनाव लड़ चुके हैं। साथ ही इस बार हरीश रावत ने पहले हरिद्वार सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई फिर अपने बेटे वीरेंद्र रावत की पैरवी कर दी।
ऐसे में हरिद्वार सीट पर अब वीरेंद्र रावत और प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी संभावित दावेदार माने जा रहे हैं। इस बीच बीते दिनों उमेश शर्मा की भी एक फोटो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुई। जिसमें वे प्रदेश प्रभारी शैलजा के साथ मुलाकात करते दिखे। उमेश शर्मा निर्दलीय पहले ही हरिद्वार से दावा ठोक चुके हैं। नैनीताल सीट पर रणजीत रावत का नाम तेजी से आगे लिया जा रहा है।
इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी दावेदार माने जा रहे हैं। लेकिन पांच में दो सीटों पर एससी वर्ग को मौका मिले, ऐसा कम ही माना जा रहा है। रणजीत रावत हरीश रावत के करीबी और रिश्तेदार भी हैं। लेकिन पिछले कुछ समय दोनों के बीच दूरियां बढ़ी है।
ऐसे में नैनीताल सीट पर कांग्रेस चौंका भी सकती है। 2009 में हरिद्वार सीट के अनारक्षित श्रेणी में आने के साथ ही कांग्रेस के हरीश रावत ने जीत दर्ज की। नैनीताल संसदीय सीट से भाजपा के अजय भट्ट को 2019 में 772195 वोट मिले । उन्होंने हरीश रावत को 339096 वोट से हराया। हरीश रावत की राय और च्वाइस कांग्रेस हाईकमान के लिए बेहद जरूरी है। इसके पीछे वजह हरीश रावत का कद है।












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