कब होगा धामी मंत्रिमंडल का विस्तार, सीनियर विधायकों के साथ ही जानिए किन 5 पूर्व मंत्रियों के नाम भी रेस में
Pushkar singh dhami cabinet expansion: उत्तराखंड में धामी मंत्रिमंडल का विस्तार कभी भी हो सकता है। वित्त और संसदीय कार्य मंत्री रहे प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद धामी मंत्रिमंडल में 5 सीटें रिक्त हैं। प्रेमचंद अग्रवाल के सारे विभागों का भी बोझ फिलहाल सीएम पुष्कर सिंह धामी पर आ गया है। ऐसे में सीएम धामी को जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार करना ही है।
इसके लिए हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व के साथ धामी जल्द बैठकर लिस्ट फाइनल कर सकते हैं। इस बीच विधायकों और पूर्व मंत्रियों में कई नाम चर्चा में आ गए हैं। जिनमें से दर्जनभर चेहरे ऐसे हैं जो कि प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा उन नामों की है, जो कि पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं।

लेकिन इस बार किसी कारण छूट गए थे। अब सीएम धामी इन चेहरों का भी मौका दे सकते हैं। सीएम धामी को संसदीय कार्य समेत कई अहम विभागों के लिए अनुभवी मंत्रियों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ पूर्व मंत्रियों की भी लॉटरी लग सकती है। इसमें सबसे प्रबल दावा हरिद्वार विधायक मदन कौशिक का माना जा रहा है।
मदन कौशिक प्रदेश अध्यक्ष के बनने के बाद विधायक तो बने लेकिन धामी मंत्रिमंडल में मंत्री बनने से चूक गए। हरिद्वार जिले से धामी मंत्रिमंडल में किसी को जगह नहीं मिली। ऐसे में इस बार मदन कौशिक का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। देहरादून जिले से खजानदास का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। एससी वर्ग से खजानदास का सबसे प्रबल दावा है।
हालांकि खजानदास का नाम प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में भी लिया जा रहा है। नैनीताल जिले से वंशीधर भगत का नाम भी मंत्रिमंडल की रेस में बताया जा रहा है। जो कि पहले शहरी विकास जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं। नैनीताल जिले से भी धामी मंत्रिमंडल में कोई चेहरा नहीं है। शिक्षा और खेल जैसे अहम विभाग संभाल चुके अरविंद पांडे को भी धामी मंत्रीमंडल में शामिल करने की चर्चा है।
अरविंद पांडे उधम सिंह नगर जिले से हैं। उधम सिंह नगर से सौरभ बहुगुणा अभी धामी मंत्रिमंडल में पशुपालन और कौशल विकास जैसी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। साथ ही धामी मंत्रिमंडल में सबसे बढ़िया काम करने वाले मंत्रियों में शुमार किए जाते हैं। पिथौरागढ़ जिले से विशन सिंह चुफाल सबसे सीनियर विधायकों और पूर्व मंत्रियों में शुमार हैं। जो कि इस समय मंत्रियों की रेस में बताए जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ से इस समय मंत्रिमंडल में कोई चेहरा भी नहीं है। ऐसे में चुफाल को मंत्री बनाया जा सकता है। पूर्व मंत्रियों के अलावा सीनियर विधायकों में विनोद चमोली, मुन्ना चौहान, उमेश शर्मा काउ, सहदेव पुंडीर, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, दिलीप रावत जैसे कई विधायक चर्चा में है। हालांकि जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के बाद ही मंत्रीमंडल में जगह मिलनी तय है।












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