Viral video: पूर्व मंत्री हरक सिंह और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद के बीच बातचीत का वीडियो वायरल, सियासत गरमाई
एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें हरक सिंह रावत फोन पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से बातचीत करते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं।
उत्तराखंड की सियासत में वायरल वीडियो और स्टिंग कई बार भूचाल ला चुके हैं। इस बार एक ओर वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिससे सियासत गरमा गई है। ये वीडियो पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के फेसबुक पेज से वायरल किया गया है। जिसमें हरक सिंह रावत फोन पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से बातचीत करते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में हरक सिंह रावत कैबिनेट मंत्री से ऋषिकेश आईडीपीएल कॉलोनी खाली करवाने की कार्रवाई को कुछ समय के लिए रुकवानें की बात कर रहे हैं। इस पर फोन पर दूसरी तरफ से मंत्री ने जबाव दिया कि डीएम ऊपर से आदेश बताकर मान नहीं रही हैं।

बीते 22 जुलाई को हरक सिंह के फेसबुक पेज से एक वीडियो जारी किया गया। जिसमें बताया गया कि ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल वन विभाग द्वारा करीब 12 सौ परिवारों जो कि वहां 50 वर्षों से निवास कर रहे थे अचानक उनको हटाने का निर्णय लिया गया। जिसका कांग्रेस नेता ने मौके पर पहुंचकर विरोध किया साथ ही लोगों को आश्वासन दिया गया कि वे उनके साथ खड़े हैं। धरने के बाद हरक सिंह ने स्थानीय विधायक व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से फोन पर वार्ता की।
Recommended Video
अब इस बातचीत का वीडियो वायरल हो रहा है। हरक सिंह मंत्री को इस मामले को टालने का एक तरीका बताते हैं जिसमें वे बताते हैं कि वे भी मंत्री रहते कालागढ़ के लिए सुप्रीम कोर्ट से निर्देश लेकर आए थे। इस मुद्दे को कैबिनेट में जाकर अपनी अध्यक्षता में कमेटी गठित की। जिसके बाद मामला लंबा खिंचता चला गया। वे मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल को भी इसी तरह मामले को कुछ समय तक टालने के लिए सुझाव देते सुनाई दे रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने से कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने भी हरक सिंह रावत को आड़े हाथ लेते हुए विश्वास तोड़ने और फोन रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है।
साथ ही कांग्रेस की सोच का परिणाम बताया है। भाजपा अब इस मामले में पूरी तरह मुखर होती नजर आ रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विरेंद्र सिंह बिष्ट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह का वायरल वीडियो स्पष्ट करता है कि कांग्रेस के नेताओं के लिए प्रशासनिक नियम कानून, न्याय प्रणाली और नैतिकता कोई मायने नहीं रखती है। उनका जो तथाकथित वीडियो जनता के बीच है, उसे देखने से एक नजर में पता चलता है पूरा वार्तालाप जानबूझ कर जनता में फर्जी छवि गढ़ने के लक्ष्य को लेकर बनाया गया। इसमें हरक का यह स्वीकारना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि मंत्री रहते वे किस तरह न्यायालय के आदेशों को ठेंगा दिखाते थे।
बिष्ट ने कहा, इससे पहले भी हरक के इसी तरह के अनेकों विवादित वीडियो वायरल हुए हैं जिसमे एक स्टिंग प्रकरण में तो वे पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ आज भी मुकद्दमे का सामना कर रहे हैं । वहां वे न्यायालय और जांच एजेंसी से केस वापिस लेने की गुहार लगा रहे हैं और इस विडियो में न्यायलय के ही आदेशों को दरकिनार करने के तरीके बता रहे हैं । उन्होंने आरोप लगाया कि इस विडियो ने हरक के साथ समूची कांग्रेस नेताओं का चाल चरित्र एक बार फिर सार्वजनिक किया है, क्योंकि उनकी पार्टी में ऐसा करने वाले वह इकलौते नेता नही हैं । यह वायरल वीडियो, कांग्रेस पर लगने वाले आरोपों को सही साबित करता है कि न्यायालय के आदेशों और सरकारी योजनाओं व नीतियों को लटकाने भटकाने में वे माहिर हैं।












Click it and Unblock the Notifications