जानिए केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के बारे में, उत्तराखंड के सीमांत गांवों की बदलेगी तस्वीर
उत्तराखंड के चीन और नेपाल की सीमा से सटे सीमांत गांवों में केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है। केंद्र सरकार देश की सीमा पर स्थित गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अलग से बजट खर्च कर रही है।

उत्तराखंड के चीन और नेपाल की सीमा से सटे गांवों की पलायन की समस्या और पर्यटन की अपार संभावनाओं को अब पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र सरकार द्वारा सीमांत गांवों में वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है।
सीमा पर स्थित गांवों में विकास के लिए अलग से बजट
वाइब्रेंट विलेज योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। केंद्र सरकार देश की सीमा पर स्थित गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अलग से बजट खर्च कर रही है। इस योजना में सीमांत गांवों में पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और आजीविका विकास पर मुख्य रूप से जोर दिया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि सीमांत गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर यहां पर्यटन का हब बनाया जाए, जिससे बाहर से पर्यटक आए और सीमान्त क्षेत्रों की संस्कृति, संवेदनाओं और कठिनाइयों को समझ सके। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत केंद्र सरकार ने सीमांत गांवों के लिए 4800 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इनमें से 2500 करोड़ रुपए का बजट केवल सड़कों के विकास पर खर्च होगा।
उत्तराखंड राज्य के सीमावर्ती इलाकों में उत्तरकाशी और चमोली जिले के कई गांव आते हैं, जहां अब नए सिरे से विकास की उम्मीद जगी है। को विकास से जोड़ने की एक उम्मीद जगी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सीमांत वाइब्रेंट विलेज मलारी पहुंचे
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया सीमांत वाइब्रेंट विलेज मलारी पहुंचे। गांव में केंद्रीय मंत्री ने समस्याओं पर स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा की और केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के बिंदुओं से ग्रामीणों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सीमांत क्षेत्र में अच्छी सड़कें, नेटवर्क क्नेक्विटी, बिजली पानी स्वास्थ्य सुविधाए बेह्तर हुई है। हेल्थ एन्ड वेलनेस सेन्टर में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। टेलेमेडिसिन के माध्यम से सीधे बडे डाक्टरों के द्वारा इलाज किया जाता है। पीएम आवास मिल रहे हैं लोगों का जीवन सरल बन रहा है सभी घरों में बिजली पानी उपलब्ध है। पीएम मोदी के नेतृत्व में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत इलाकों में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। लोगों में हिमालय रेंज में एडवेंचर खेलों की रुचि बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यहा मोबाइल क्नेक्टिीविटी में सुधार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक जीवन उपयोगी तथा पर्यटन गतिविधियां बढाने के लिए कहा।
जिला प्रशासन द्वारा वाइब्रेंट विलेज़ एक्शन प्लान बनाए गए
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गेस्टहाउस के साथ मार्केटिंग सेंटर बनाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गाँवों को विकसित करना व गाँवों के निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। स्थानीय सांस्कृतिक, पारंपरिक ज्ञान और विरासत को बढ़ावा देकर पर्यटन क्षमता का लाभ उठाना है। इसके अलावा समुदाय आधारित संगठनों, सहकारी समितियों और गैर.सरकारी संगठनों के माध्यम से एक गाँव-एक उत्पाद की अवधारणा पर स्थायी पर्यावरण कृषि व्यवसायों का विकास करना। ग्राम पंचायतों की सहायता से जिला प्रशासन द्वारा वाइब्रेंट विलेज़ एक्शन प्लान बनाए गए हैं। इससे पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन, इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया उत्तरकाशी के धराली गांव में रात्रि विश्राम कर चुके हैं। इस दौरान हर्षिल घाटी के 8 गांव के ग्रामीणों को समस्या को भी सुना। धराली गांव सहित हर्षिल घाटी के 8 गांव वाइब्रेट विलेज में शामिल हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री विरेंद्र कुमार भी हर्षिल आए थे। हर्षिल में रात्रि विश्राम करने के बाद उन्होंने घाटी के आठ गांवों का भ्रमण किया।
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