Uttarkashi: 'मां मैं ठीक हूं...', टनल से बाहर निकलते ही बेटे ने की मां से फोन पर बात
उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिक आखिरकार 17 दिनों के बाद पर्वत के सीने में सुराख करके बाहर निकाले गए। रैट माइनिंग की मदद से मंगलवार को एक-एक कर सभी श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाला गया। बाहर आते ही श्रमिकों को उनके परिजनों देखा, तो सभी की आंखें छलक उठी। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सभी का स्वागत किया। मिठाइयां बांटी गई।
12 नवंबर यानी दिवाली के दिन से सुरंग में फंसे श्रमिकों के परिवारों के लिए आज सही मायने में दीपावली का उत्सव है। आज उनके अपने सही सलामत मौत को मात देकर बाहर आए हैं। इन्हीं 41 श्रमिकों में से एक मंजीत भी बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही मंजीत ने अपनी मां कमला चौधरी से फोन पर बात की। उसने अपनी मां को अपनी कुशलता का समाचार दिया।

जल्दी घर आओ, क्या खाओगे खाने में?
बेटे की आवाज सुनकर महिला का हृदय खुशी से खिल उठा। आंखों में खुशी के आंसू नजर आए। महिला ने बेटे का हाल जाना। महिला ने बेटे से पूछा कि चिकित्सा जांच कराई? वहीं, परिवारजनों खुशी की लहर दौड गई। वहीं, फोन पर मंजीत की मां कमला चौधरी ने बेटे से जल्दी घर लौटने की बात कही। साथ ही यह भी पूछा कि घर आकर क्या खाओगे?
परिवार और गांव में खुशी की लहर
वहीं, मंजीत के सुरक्षित टनल से बाहर निकलने की खबर गांव में खुशी की बाढ़ ले आई। एक तरफ, जहां परिजनों में लोग मिठाइयां बांटने में लगे रहे। वहीं, गांव में सभी के चेहरे पर खिलखिला उठे। मंजीत की मां कमला ने सरकार का शुक्रिया अदा किया।












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