Uttarkashi Tunnel Rescue: पीएमओ और विदेशी विशेषज्ञों ने संभाला मोर्चा,अब इस तरह पांच छोर से 6 टीमें करेंगी काम
Uttarkashi Tunnel Rescue उत्तरकाशी के सिलक्यारा में टनल हादसे में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अब आठवें दिन मिशन-5 शुरू हो गया है। पीएमओ और विदेशी विशेषज्ञों ने सिलक्यारा में मोर्चा संभाल लिया है। पीएमओ की टीम के साथ ही इंजीनियरिगं विशेषज्ञ अरमांडो कैपेलन और माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर भी मौके पर पहुंचे।

इस बीच सिलक्यारा टनल में पांच तरीके से रेस्क्यू का काम चलाया जा रहा है। साथ ही पुराने तरीके से चल रहा काम भी जारी रहेगा। इस तरह एक साथ कई तरीके से मजदूरों का बाहर निकालने की कोशिश शुरू हो गई है।उत्तरकाशी के सिलक्यारा में निर्माणाधीन टनल में दिवाली की सुबह 41 मजदूर भूस्खलन की वजह से अंदर फंस गए थे। जिनको बचाने के लिए बीते आठ दिन से रेस्क्यू चल रहा है।
इस दौरान कई बार रेस्क्यू अभियान की प्लानिंग बदली गई और कई बार रेस्क्यू में परेशानियां भी आई। जिस वजह से शनिवार को पीएमओ में उपसचिव मंगेश घिल्डियाल, पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव महमूद अहमद और भू विज्ञानी वरुण अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
कई दौर की मैराथन बैठक के बाद ये फैसला लिया गया कि रेस्क्यू के लिए पांच योजनाओं पर एक साथ काम होगा। जिसमें राज्य, केंद्र की छह एजेंसियां काम करेंगी। इन पांच प्लान में सुरंग के आगे, पीछे, ऊपर, दांये, बाएं पांच छोर से ड्रिलिंग का रास्ता तैयार किया जाएगा। इसमें सबसे अहम वर्टिकल ड्रिलिंग को माना जा रहा है।
इस बीच सातवें दिन शनिवार को सुरंग में कंपन और मलबा गिरने के ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम रोक दिया गया था। जिसे आज फिर से चलाने की तैयारी चल रही है। मशीन पर दबाव बनाने के लिए बड़े-बड़े बोल्डर मंगाए गए हैं। आज केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी सिलक्यारा पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का जायजा लेंगे। गड़करी के साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी भी पहुंचेंगे। जो कि दोपहर बाद यहां समीक्षा करेंगे।












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