Uttarkashi Tunnel: सिलक्यारा टनल हादसा देवता का प्रकोप? CM धामी के बाद अब शरण में पहुंचे टनलिंग एक्सपर्ट
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में ध्वस्त सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने का अभियान तेजी से जारी है। 16 दिन से टनल में फंसे श्रमिक रोशनी को देखने के तरस रहे हैं। सरकार और तमाम एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं।
लेकिन, इस हृदय विकराल हादसे के पीछे स्थानीय ग्रामीण इष्ट देवता भगवान बौख नाग देवता का प्रकोप मान रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर बनाने का वादा पूरा न करना और ग्रामीणों द्वारा बनाया मंदिर तोड़ने का ही यह अभिशाप है।

ऐसे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विदेश से आए इंटरनेशनल टनलिंग एक्सपर्ट अर्नोल्ड डिक्स ने बाबा बौखनाग की पूजा अर्चना की। सभी ने प्रार्थना कर टनल में फंसे श्रमिकों के कुशल बाहर निकलने की कामना की। धामी ने पुजारी को बुलाकर हाथ जोड़कर अस्थायी मंदिर में प्रार्थना की।
क्या था अधूरा वादा जिसका लगा प्रकोप?
दरअसल, ग्रामीणों की मानें तो टनल निर्माण शुरू करते वक्त कंपनी ने वादा किया था कि देवता का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। लेकिन, 2019 से लेकर अभी तक मंदिर बनाने के प्रति कोई कार्य नहीं किया गया। वहीं, हाल ही में ग्रामीणों द्वारा बनाया गया अस्थायी मंदिर भी टनल निर्माण के दौरान तोड दिया गया। ऐसे में स्थानीय लोगों का मानना है कि यह देवता का प्रकोप ही है।












Click it and Unblock the Notifications