उत्तराखंड: पीएम मोदी की महारैली से पहले क्यों बढ़ी भाजपा-कांग्रेस नेताओं की धड़कन, जानिए वजह
4 दिसंबर को देहरादून में मोदी की विजय संकल्प महारैली, भाजपा कांग्रेस में सेंधमारी की तैयारी, हरक सिंह और किशोर उपाध्याय को लेकर किए जा रहे दावे
देहरादून, 2 दिसंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 4 दिसंबर को देहरादून में होने वाली विजय संकल्प महारैली को लेकर भाजपा रणनीति में जुटी है। रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा हर दांव खेल रही है। इसके साथ ही महारैली से पहले भाजपा और कांग्रेस में एक बार फिर दलबदल की सियासत को लेकर माहौल गर्मा गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल एक दूसरे में बड़ी सेंधमारी करने का दावा कर रहे हैं। जो कि पीएम की रैली से पहले हो सकता है।

भाजपा, कांग्रेस मे जारी है दलबदल का खेल
भाजपा ने उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले जिस दलबदल की शुरूआत की, उसका असर उत्तराखंड की सियासत में चुनाव तक अब जारी रहेगा। दलबदल भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए अब सियासी दलों की नाक का सवाल हो गया है। भाजपा ने तीन विधायकों प्रीतम सिंह, राजुकमार और राम सिंह कैड़ा को अपने पाले में लाया तो कांग्रेस ने यशपाल आर्य और उनके बेटे को कांग्रेस ज्वाइन कराकर हिसाब बराबर करने की कोशिश की। हालांकि जिन नामों को लेकर लगातार सियासी पारा चढ़ा रहा, उन नामों पर नवंबर माह में कोई बड़ा उलटफेर नजर नहीं आया। लेकिन अचानक एक बार फिर पीएम मोदी की रैली से पहले भाजपा और कांग्रेस खेमा एक दूसरे के पाले में बड़ी सेंधमारी करने का दावा करने लगी है।

हरक और किशोर को लेकर चर्चा
कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को कांग्रेस में लाने के लिए हाईकमान स्तर से निर्णय हो चुका है। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह की मुलाकात और उसके बाद एक साथ बाहर आते हुए दिखे। जिसके बाद इस चर्चा को बल मिल गया। अब सूत्र दावा कर रहे हैं कि जल्द ही हरक सिंह कांग्रेस ज्वाइन करने जा रहे हैं। इसके लिए पीएम मोदी की रैली से पहले कांग्रेस भाजपा को झटका देने की कोशिश मानी जा रही है। इधर भाजपा खेमे में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के भाजपा ज्वाइन करने की खबरें आ रही है। दावा किया जा रहा है किशोर को पीएम मोदी के मंच से ही भाजपा ज्वाइन कराई जा सकती है। किशोर उपाध्याय जिस तरह से पूर्व सीएम हरीश रावत के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए है, उससे इस प्रकरण को बल मिलता हुआ नजर आ रहा है। किशोर को भाजपा 2024 लोकसभा चुनाव में टिहरी सीट से चेहरा बना सकती है। हालांकि इन सभी समीकरणों को लेकर भाजपा के अंदर खाने कई तरह की चर्चाएं हो रही है। ऐसे में हरक और किशोर की अदला बदली कर भाजपा, कांग्रेस एक दूसरे के पाले में सेंधमारी का दावा कर रही है।

पहले कांग्रेस और भाजपा के दावे हुए हवाहवाई
यशपाल आर्य के कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद भाजपा और कांग्रेस के दलबदल को लेकर लगातार दावे किए जा रहे थे, लेकिन ये दावे हवाहवाई साबित हुए। कांग्रेस की और से पूर्व स्पीकर और विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने 6 भाजपा विधायकों के कांग्रेस में संपर्क होने का दावा किया था, लेकिन एक माह बाद भी भाजपा में किसी तरह की कोई हलचल नजर नहीं आई है। इसके बाद जब हरक सिंह समेत पुराने कांग्रेसी विधायकों के कांग्रेस में वापसी की खबरें आई तो पूर्व सीएम विजय बहुगुणा अचानक से देहरादून में एक्टिव हो गए, उस समय दलबदल तो नहीं हुआ लेकिन विजय बहुगुणा का दावा भी पुराना बम साबित हुआ जो फुस हो गया। विजय बहुगुणा ने दावा किया था कि 15 दिन में कांग्रेस में हलचल नजर आएगी लेकिन तब भी 15 दिन सामान्य गुजर गए। उसके उलट गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने विजय बहुगुणा के दावों की हवा निकाल दी। अब एक बार फिर सियासी पारा चढ़ा है जो कि कब तक ठंडा होता है ये देखना दिलचस्प होगा।












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