VPDO भर्ती 2016 में धांधली का गजब खेल, सचिव की पत्नी के मकान पर तैयार हुआ परिणाम
वर्ष 2016 में हुई UKSSSC की वीपीडीओ परीक्षा में धांधली
वर्ष 2016 में हुई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वीपीडीओ परीक्षा में धांधली तत्कालीन सचिव मनोहर सिंह कन्याल की पत्नी के मकान में की गई थी। इसी मकान में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ कर परीक्षा का परिणाम तैयार किया गया। बताया जा रहा है कि करीब 50 अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए ओएमआर शीट खाली छोड़ने को कहा गया। इसके बाद इसी मकान में इस पूरे खेल को अंजाम तक पहुंचाया गया।

वीपीडीओ की भर्ती परीक्षा के मास्टमाइंड डा आरबीएस रावत
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ,वीपीडीओ की भर्ती परीक्षा के मास्टमाइंड उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष डा आरबीएस रावत ही माने जा रहे हैं। अब तक जांच में ये बात सामने आई है कि रावत ने ही लखनऊ के प्रिंटिंग प्रेस आरएमएस टेक्नो साल्यूशन के सीईओ राजेश पाल के साथ मिलकर धांधली की योजना तैयार की थी। बाद में तत्कालीन सचिव मनोहर सिंह कन्याल और तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र सिंह पोखरिया भी इस प्लानिंग में शामिल हो गए। खास बात यह है कि जिन अभ्यर्थियों को पास करवाने का ठेका लिया गया था, उनमें से कुछ आयोग के तत्कालीन पदाधिकारियों के रिश्तेदार थे। बाकी बचे अभ्यर्थियों को प्रिंटिंग प्रेस के सीईओ ने एकत्र किया।उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का तत्कालीन अध्यक्ष डा. आरबीएस रावत ने लखनऊ के प्रिंटिंग प्रेस आरएमएस टेक्नो साल्यूशन के सीईओ राजेश पाल के साथ मिलकर धांधली की योजना तैयार की थी।
संपत्ति का भी एसटीएफ अब पता लगा रही
वीपीडीओ परीक्षा में धांधली से अर्जित किए गए करोड़ों रुपये आरोपित डा आरबीएस रावत, मनोहर सिंह कन्याल और राजेंद्र सिंह पोखरिया की संपत्ति का भी एसटीएफ अब पता लगा रही है। इस प्रकरण की विवेचना एसटीएफ को अगस्त 2022 में मिली थी। एसटीएफ ने 42 अभ्यर्थियों का पता लगाकर उनसे पूछताछ की। इनमें से 12 अभ्यर्थियों के बयान कोर्ट के समक्ष भी दर्ज कराए जा चुके हैं। इसके बाद शनिवार को डा आरबीएस रावत, मनोहर सिंह कन्याल और राजेंद्र सिंह पोखरिया को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 6 मार्च 2016 को परीक्षा करवाई गई
भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधलियों पर उत्तराखंड एसटीएफ़ ने बड़ी कार्रवाई की है। यूकेएसएसएससी की और से 2016 में कराई गई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच में आरबीएस रावत पूर्व चेयरमैन, सचिव मनोहर कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरियाल को गिरफ़्तार कर लिया गया है। यह भर्ती परीक्षा प्रकरण में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है । 2016 के मामले में लंबे समय से जांच चल रही थी। वीपीडीओ भर्ती में 6 वर्ष बाद कार्यवाही कर मिसाल पेश की है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा दिनांक 6 मार्च 2016 को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा करवाई गई। परीक्षा 6 मार्च 2016 को समस्त 13 जनपदों के 236 परीक्षा केंद्रों में संचालित की गई थी। जिसमें परीक्षा में कुल 87196 परीक्षार्थियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षा में भाग लिया गया था। 30 मार्च 2016 को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। परीक्षा में धांधली के मद्देनजर विभिन्न शिकायतों के आधार पर उत्तराखंड शासन द्वारा तत्कालीन अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति वर्ष 2017 में गठित की गई थी। परीक्षा में अनियमितताओं की पुष्टि होने के कारण परीक्षा परिणाम को निरस्त किया गया।












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