11 हजार फीट की ऊंचाई पर दयारा बुग्याल में पहली बार फहराया जाएगा तिरंगा, इसके बाद बटर फेस्टिवल का आगाज

दयारा बुग्याल में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा

देहरादून, 4 अगस्त। समुद्रतल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर 28 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले दयारा बुग्याल में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। आजादी के अमृत महोत्सव को मनाने के लिए ग्रामीणों ने इस बार अपने बटर फेस्टिवल के आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए ये निर्णय लिया है। बता दें कि 16 व 17 अगस्त को दयारा बुग्याल में बटर फेस्टिवल का आयोजन होना है।

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आयोजकों का दावा, विभिन्न राज्यों के 500 पर्यटकों ने बुकिंग करा दी

रैथल के ग्रामीण सदियों से भाद्रप्रद महीने की संक्रांति को दूध, मक्खन, मट्ठा की होली खेलते आ रहे हैं।आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर इस बार उत्‍तराखंड में 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल में तिरंगा फहराया जाएगा। कोरोना काल के दो वर्ष के बाद रैथल के ग्रामीण इस बार दयारा बुग्याल में पारंपरिक बटर फेस्टिवल यानि अंढूडी उत्सव का आयोजन कर रहे हैं। आयोजकों का दावा है कि इस बार इस आयोजन में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों के 500 पर्यटकों ने बुकिंग करा दी है। इसके अलावा स्थानिय लोग अलग संख्या में पहुंच रहे हैं। आयोजकों का दावा है कि बटर फेस्टिवल के मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शिरकत करेंगे।

पहली बार दयारा बुग्याल में ध्वजारोहण

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान में दयारा बुग्याल के छानियों में रहने वाले लोग भी अपना योगदान देंगे। इसके लिए पहली बार दयारा बुग्याल में ध्वजारोहण होगा। इसके साथ ही बटर फेस्टिवल यानि अंढूडी उत्सव का शुभारंभ होगा। 16 अगस्त दयारा बुग्याल के निकट वाली छानियों में कैंपिंग की जाएगी। 17 अगस्त को पारंपरिक उत्सव होगा। जिसमें दयारा बुग्याल में मक्खन मट्ठा की होली का आयोजन होगा। साथ ही लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम रांसों तांदी नृत्य का आयोजन और पर्यटकों को पारंपरिक व्यंजन भी परोसे जाएंगे।

बटर फेस्टिवल यानि अढूंडी उत्सव

दयारा बुग्याल में स्थानीय लोग एक अनोखी होली का आयोजन करते हैं। जिसे बटर फेस्टिवल यानि अढूंडी उत्सव कहते हैं। इसे स्थानीय लोग प्रकृति का आभार प्रकट करने के लिए करते हैं। इस दौरान दूध, मक्खन, मट्ठा की होली खेली जाती है। दयारा बुग्याल उत्तरकाशी जिले में स्थित है। जो कि एक खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन है।कोरोना के कारण पहाड़ों में भी कई उत्सव और पारंपरिक त्यौहार नहीं मनाए गए। लेकिन इस बार हर उत्सव को धूमधाम से मनाया जा रहा है। रैथल के ग्रामीण गर्मियों की दस्तक के साथ ही अपने मवेशियों के साथ दयारा बुग्याल समेत गोई चिलापड़ा में बनी अपनी छानियों में ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए पहुंच जाते हैं। सितंबर महीने से होने वाली सर्दियों की दस्तक से पहले ही ग्रामीण वापिस लौटने से पहले अपनी व अपने मवेशियों की रक्षा के लिए प्रकृति का आभार जताने के लिए इस अनूठे पर्व का आयोजन करते हैं।

दयारा बुग्याल सबसे खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन

दयारा बुग्याल सबसे खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन दयारा बुग्याल उत्तरकाशी जिले में स्थित है।चारों ओर बर्फ से ढके इस बुग्याल तक पहुंचने के लिए उत्तरकाशी गंगोत्री सड़क मार्ग पर स्थित भटवाड़ी तक गाड़ी से पहुंचना होता है। फिर बारसू गांव से दयारा बुग्याल तक पैदल चलना होता है। जो कि करीब 9 किलोमीटर है। दयारा बुग्याल में सुंदर जंगल, पहाड़ और खूबसूरत रेशमी घास दिखेगी। बंदरपूछ, कलानाग, श्रीखंड महादेव, श्रीकांत शिखर और गंगोली चोटी जैसे पर्वत शिखरों का खूबसूरत नजारा यहां से देखने को मिलेगा।

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