Uttarakhand News: कभी रोटी के लिए अब ऐसी मजदूरी न करनी पड़े, फंसे मजदूर की तकलीफ देख बोला भाई
उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल में 11 दिन से फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अब रेस्क्यू अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है।उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी मजदूर बाहर निकल आएंगे यह खबर सुनकर परिजन भी अब अपनों के इंतजार में हर पल टनल की तरफ ही नजर लगाए हुए हैं।
जब से परिजनों को इस बात की जानकारी मिली कि उनके अपने टनल के अंदर फंसे हुए हैं तब से सभी सिल्क्यारा पहुंचकर हर पल अपने आदमी के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे-जैसे घड़ी नजदीक आ रही है वैसे-वैसे सबकी धड़कनें भी बढ़ रही है। इस बीच वन इंडिया की टीम को टनल के बाहर झारखंड से आए इंद्रजीत कुमार से मुलाकात हुई।

इंद्रजीत ने बताया कि उनके भाई विश्वजीत कुमार और एक उनके रिश्तेदार सुबोध टनल में फंसे हुए हैं। इंद्रजीत को जैसे ही अपने भाई और रिश्तेदार का टनल में फंसने की जानकारी मिली वह तुरंत सिल्क्यारा पहुंच गए।
13 तारीख से इंद्रजीत लगातार सुबह-शाम सिल्क्यारा टनल के बाहर अपने भाई और अपने लोगों के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच आज खबर मिली कि जल्दी खुशखबरी आने वाली है और सभी मजदूरों को बाहर निकाल दिया जाएगा। जिससे इंद्रजीत के चेहरे पर थोड़ा सा राहत नजर आई।
इंद्रजीत ने बताया कि उनकी अपने भाई से घटना से पहले करीब एक महीने पहले बात हुई थी, लेकिन जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला वह तुरंत दौड़ पड़े। इंद्रजीत ने बताया कि वह रोज टनल के अंदर जाकर अपने भाई और जानने वालों से बातचीत कर रहे हैं।
अंदर से बातचीत करने पर उनके भाई रोज उनसे यही पूछते हैं कि हम बाहर कब आएंगे। हालांकि वे यह भी बता रहे हैं अंदर वह सभी सुरक्षित हैं इंद्रजीत जब भी अपने भाई से बात करने पाइप के माध्यम से टनल के अंदर गए तो एक ही बात बार-बार दोहराते हैं की चिंता मत करो जल्द ही आपको सुरक्षित बाहर निकाल दिया जाएगा।
देशभर की सभी एजेंसियां रेस्क्यू में जुटी है। इंद्रजीत ने बताया कि परिवार में पिताजी और चार भाई हैं। भाई जो टनल के अंदर फंसे है। उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं इंद्रजीत ने बताया कि भले ही घर में रोज बातचीत हो रही है लेकिन सब चिंतित हैं और इस बात की बार-बार जानकारी ले रहे हैं कि हुए कब बाहर आने वाले हैं।
इंद्रजीत ने बताया कि उनके साथ झारखंड की सरकार की अधिकारी लगातार संपर्क में है। और यह बताया गया है कि जैसे ही उनके भाई और जानने वाले बाहर आएंगे सभी को हेलीकॉप्टर से घर तक पहुंचाया जाएगा इंद्रजीत के भाई विश्वजीत कंस्ट्रक्शन का काम ही करते आए हैं लेकिन पहली बार किसी सुरंग में काम करने आए थे। इंद्रजीत ने यह भी कहा कि शायद अब इस सुरंग के अंदर बाहर निकालने के बाद कभी काम नहीं करेंगे।












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