उत्तराखंड की चौथी विधानसभा ने खोए 6 विधायक, 3 विधायकों ने संभाली अहम जिम्मेदारियां

2017 की चतुर्थ विधानसभा में निर्वाचित 70 में से 6 विधायक खोए

देहरादून, 15 दिसंबरा उत्तराखंड में मार्च 2022 तक नई विधानसभा का गठन हो जाएगा। जिसमें 70 नए सदस्य निर्वाचित होकर आएंगे। लेकिन 2017 की चतुर्थ विधानसभा में निर्वाचित 70 में से 6 विधायक खोए, जो कि एक दुखद अनुभव रहा है। इनमें 5 सत्ताधारी भाजपा और एक कांग्रेस का अनुभवी चेहरा शामिल है। सभी विधायक अपने कार्यकाल केेअनुभवी चेहरे रहे हैं, इनमें से 3 विधायकों प्रकाश पंत, इंदिरा ह्रदयेश और हरबंस कपूर ने प्रदेश की सियासत में कई अहम जिम्‍मेदारियां निभाई हैं। चुनावी साल से पहले ही प्रदेश ने 3 विधायकों को खोया है, जिस वजह से ये सीटें रिक्‍त रह गईा

Uttarakhands fourth assembly lost 6 MLAs, 3 MLAs took over important responsibilities

आखिरी साल में 3 विधायकों का निधन
सबसे पहले विधानसभा के गठन के एक साल के भीतर भाजपा ने थराली से विधायक मगनलाल शाह को खोया। मगनलाल शाह के निधन के बाद भाजपा ने उनकी पत्नी मुन्नी देवी को टिकट दिया और वे विधायक चुनी गई। इसके बाद 2017 में मुख्यमंत्री के दावेदार और भाजपा के सबसे बड़े चेहरे कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का निधन हो गया। जो कि भाजपा के लिए बड़ा झटका था। प्रकाश पंत की जगह उनकी पत्नी चंद्रा पंत को टिकट मिला और उन्होंने अप​ने पति की विरासत को संभाला। इसके बाद कोरोना में वर्ष 2020 में सल्ट से भाजपा विधायक सुरेंद्र जीना का निधन हो गया। सुरेंद्र जीना की जगह उनके भाई महेश जीना विधायक चुनकर आए। चुनावी साल से ठीक पहले ​​​अप्रैल में गंगोत्री से भाजपा विधायक गोपाल रावत का भी निधन हो गया। लेकिन एक साल कम रहने के कारण गंगोत्री सीट पर उपचुनाव नहीं हुआ। इसके बाद जून में हल्द्वानी से विधायक व नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश का अकस्मात निधन हो गया। जो कि कांग्रेस के लिए बहुत बड़ी क्षति मानी जाती है। यहां भी उपचुनाव नहीं हुआ।

आखिरी सत्र में शिरकत करने के बाद हुआ निधन

हाल में चतुर्थ विधानसभा का आखिरी सत्र आयोजित हुआ। और सत्र समाप्त होते ही देहरादून कैंट से विधायक हरबंस कपूर का निधन हो गया। हरबंस कपूर ने आखिरी सत्र में विधायकों के यादगार के लिए ली गई तस्‍वीर में शामिल हुएा लेकिन ये तस्‍वीर उनके परिजनों के लिए भी यादगार बन गईा इस तरह 6 सीटों पर विधायकों का निधन हुआ​ जिनमें 3 सीटों पर उपचुनाव हुआ और 3 ​सीट रिक्त रह गई हैं। 2017 से 2022 के बीच जिन विधायकों का निधन हुआ, सभी अपने क्षेत्रों में खासा प्रभाव रखते थे। इनमें 3 कद्दावर नेता भी थे, जिन्होंने उत्तराखंड की सियासत में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली और विकास के रौडमैप रखे। प्रकाश पंत और इंदिरा ह्रदयेश दोनों ने अपने-अपने कार्यकाल में वित्त जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी संभाली। जबकि हरबंस कपूर ने शहरी विकास, विधानसभा अध्यक्ष और 8 बार विधायक का अनोखा रिकॉर्ड भी कायम किया। तीनों विधायक उत्तर प्रदेश के समय से राजनीति करते आ रहे थे, जो कि ​उत्तराखंड की सियासत में बड़ा कद रखते थे। इस तरह 2022 के ​चुनाव में इन विधायकों को खोने का पार्टी ही नहीं उत्तराखंड को भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

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