Uttarakhand Budget 2023 : बजट पास, सदन स्थगित, धामी सरकार ने लिए ये ऐतिहासिक फैसले
उत्तराखंड भराड़ीसैंण विधानसभा में गुरुवार को धामी सरकार का 77407.08 करोड़ का बजट पास हो गया। बजट पास होने के बाद सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है।

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसेंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में गुरुवार को धामी सरकार का वित्तीय वर्ष 2023-24 का 77407.08 करोड़ का बजट पास हो गया। बजट पास होने के बाद सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही बजट सत्र समाप्त हो गया है। गैरसेंण में बजट सत्र के आखिरी दिन धामी सरकार की कैबिनेट बैठक भी हुई। इसमें नई पर्यटन नीति समेत सात प्रस्तावों पर मुहर लगी।
नकल विरोधी कानून और यूनिफॉर्म सिविल कोड सरकार की उपलब्धि
भराड़ीसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र समाप्त हो गया है। सत्र के आखिरी दिन बजट पर चर्चा हुई। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बजट पर अपनी बात रखते हुए बजट को समावेशी और शानदार बजट बताया। सीएम ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों की योजनाओं का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया। सीएम ने कहा कि सरकार गैरसेंण के विकास के लिए एक विस्तार नीति पर काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने देहरादून में लाठीचार्ज के दौरान जिन युवाओं पर मुकदमे हुए थे,उनमें जो छात्र परीक्षा देना चाहते हैं उनके मुकदमें वापस लेने का ऐलान किया। साथ ही सरकार के नकल विरोधी कानून और यूनिफॉर्म सिविल कोड को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया।
सात प्रस्तावों पर मुहर
इससे पहले भराड़ीसैंण में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सात प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने नई पर्यटन नीति मंजूर की। पर्यटन नीति के तहत कौशल प्रशिक्षण, विपणन, और अपशिष्ट उपचार के क्षेत्र में निवेश करने पर 25 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। यह नीति अगले सात साल यानी 2030 तक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा 2018 की पर्यटन ऑपरेशनल गाइड लाइन को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के ड्रोन शो में हुए खर्च के भुगतान करने को मंजूरी दे दी है। प्रदेश में बिना अनुमति निजी भूमि से पेड़ काटने पर अब कारावास की सजा नहीं होगी। मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के प्रावधानों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिनियम में पेड़ काटने पर पांच रुपये जुर्माना और छह महीने की सजा का प्रावधान है। इसमें सजा को हटाकर जुर्माने को पांच हजार रुपये प्रति पेड़ कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग में संविदा पर तैनात 38 कनिष्ठ अभियंताओं को ग्राम्य विकास विभाग में शामिल कर दिया गया है। ये सभी अभियंता प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कार्यरत थे। इनकी संविदा समाप्त हो रही थी। कैबिनेट ने उत्तराखंड कर्मचारी मृतक सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके तहत कर्मचारी की पुत्र वधू को भी मृतक आश्रित के लिए पात्र माना गया है। पुत्र की मृत्यु होने पर पुत्र वधू को मृतक आश्रित के तहत नौकरी मिल सकेगी।
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