Uttarakhand news पहली बार एकल महिला स्वरोजगार योजना और नंदा गौरा योजना लांच, जानिए पात्रता और क्या होंगे लाभ
Uttarakhand news उत्तराखंड में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए धामी सरकार ने पहली बार एकल महिला स्वरोजगार योजना और नंदा गौरा योजना को शुरू किया है। जिसके लाभार्थियों को सरकार फरवरी में पैसा भी वितरित करने जा रही है।
नंदा गौरा योजना के तहत अब तक 11 जनपदों के लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। इनमें 34852 इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राएं और 6021 जन्म लेने वाली बालिकाएं चिन्हित की गई है। इन सभी को धनराशि वितरित करने के लिए फरवरी प्रथम सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

Nanda Gaura Yojana नंदा गौरा योजना
नंदा गौरा योजना उत्तराखंड सरकार द्वारा बालिकाओं के जन्म और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एक वित्तीय सहायता योजना है, जिसके तहत जन्म पर ₹11,000 और 12वीं कक्षा पास करने पर ₹51,000 की राशि दी जाती है, जिससे कुल ₹62,000 की मदद मिलती है और यह योजना एक परिवार की दो बेटियों के लिए है।
इस योजना का उद्देश्य राज्य में कन्या जन्म को प्रोत्साहित करना और बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- जन्म पर ₹11,000 (यदि जन्म अस्पताल या ANM केंद्र पर हो)।
- 12वीं पास करने पर ₹51,000 (उच्च शिक्षा के लिए) प्रदान की जाती हैं।
- पात्रता: एक परिवार की दो जीवित बालिकाओं को लाभ मिलता है।
- आवेदन: ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है, आवेदन की तिथियां बदलती रहती हैं।
- महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग, उत्तराखंड इस योजना को संचालित करता है।
- आवेदन के लिए जन्म प्रमाण पत्र और 12वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज लगते हैं।
- पात्र छात्राओं को धनराशि सीधे बैंक खाते में DBT (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से मिलती है।
- अधिक जानकारी के लिए:
- आप WECDUK की वेबसाइट https://www.nandagaurauk.in/ पर जाकर या myScheme पोर्टल https://www.myscheme.gov.in/hi/schemes/ngy पर विवरण
एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची फाइनल कर दी गई है इन्हें भी फरवरी पहले सप्ताह में धनराशि वितरित कर दी जाएगी। इस योजना के तहत इनके अतिरिक्त अभी दो जनपदों की कुल 331 पात्र अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप देने की औपचारिकता बाकी है जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
प्रदेश में ऐसी महिलाएं जिनका कोई सहारा नहीं है, या जो अकेली हैं, उनकी मदद के लिए "मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोज़गार योजना" लांच की गई है। इसमें स्वरोजगार हेतु राज्य सरकार पात्र महिलाओ को अनुदान दिया जाएगा, जिसकी राशि अधिकतम 1.5 लाख रूपए की होगी। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा महिलाओ को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अनुदान दिया जाएगा, जो की अधिकतम 1.5 लाख रूपए तक का होगा। योजना अनुसार यदि कोई महिला अपना खुद का व्यवसाय करना चाहती है तो योजना स्वरुप महिला को 2 लाख तक की राशि पर 75% का अनुदान दिया जाएगा।
- योजना का लाभ एकल निराश्रित महिलाए, विधवा, परित्यक्ता, किन्नर, अपराध से पीड़ित या एसिड हमले से पीड़ित महिला या महिलाओ के बच्चे या तो अविवाहित है या नाबालिक है, को प्राप्त होगा।
- इसके साथ महिलाओ की आयु 21 से 50 वर्ष के मध्य हो और राज्य की स्थायी निवासी हो। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत महिला किसी भी व्यवसाय का चयन कर खुद का स्वरोजगार स्थापित कर सकती है।
- व्यवसाय के लिए मुख्य तौर पर बागवानी, कृषि, पशुपालन, मुर्गी पालन, प्लम्बर कार्य, इलेक्ट्रीशियन, डाटा एंट्री, ब्यूटी पार्लर आदि जैसे व्यवसायों को शुरू कर सकती है।
- पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर जारी इस योजना का लाभ प्रथम वर्ष में केवल 2,000 हजार महिलाओ को ही दिया जाएगा।
- नोडल विभाग द्वारा प्रत्येक जिले में एक समिति गठित की जाएगी जिनके द्वारा प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
- सफलतापूर्वक स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को पूरा करने वाले आवेदकों को ही एकल महिला स्वरोजगार योजना का लाभ दिया जाएगा।
- लाभार्थी महिलाएं अपना एकल महिला स्वरोजगार योजना आवेदन पत्र जिला कार्यक्रम अधिकारी या बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में जमा कर सकती हैं।
- प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच हेतु प्राधिकरण द्वारा जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी।
- महिलाओ को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर बनाना।
- 2 लाख तक का व्यवसाय स्थापित करने हेतु 75% प्रतिशत की राशि अनुदान स्वरुप दी जाएगी।
- अनुदान स्वरूप एक व्यक्ति अधिकतम 1.5 लाख की राशि ही प्राप्त कर सकता है।
दस्तावेज आवश्यक है : -
- आधार कार्ड।
- निवास प्रमाण पत्र।
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- आयु प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र।
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र।
- बैंक पासबुक।
- पैन कार्ड।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- योजना निर्देशित अन्य दस्तावेज।
- मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का आवेदन पत्र जिला कार्यक्रम अधिकारी या बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध है।
- आवेदन पत्र और सभी दस्तावेजों को केवल पंजीकृत डाक द्वारा डीपीओ या सीडीपीओ कार्यालय में भेजना अनिवार्य है।
- आवेदकों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
- चयनित महिला लाभार्थियों को सरकार द्वारा सहायता राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications