उत्तराखंड विधानसभा में भर्ती सियासी दलों के नेताओं के रिश्तेदारों की सूची सोशल मीडिया में वायरल, मचा हड़कंप
उत्तराखंड में भर्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार खुलासे
देहरादून, 30 अगस्त। उत्तराखंड में भर्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार खुलासे होते जा रहे हैं। मंगलवार को सोशल मीडिया में करीब 90 नामों की सूची वायरल हो गई, जो कि अब तक विधानसभा में नेताओं के रिश्तेदारों की सूची है, जिन्होंने नौकरी हासिल की है। वायरल सूची में भाजपा, कांग्रेस और यूकेडी नेताओं के रिश्तेदारों के नाम होने का दावा किया गया है। इस नई सूची से उत्तराखंड की सियासत में भूचाल आना तय है।

सोशल मीडिया में वायरल हो रही सूचियां
उत्तराखंड विधानसभा में 22 साल में अब तक हुई भर्तियों को लेकर भाजपा, कांग्रेस अब तक आमने सामने नजर आ रही थी। पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा शासन काल में हुई नियुक्तियों पर सवाल उठाए तो बदले में भाजपा की ओर से गोविंद सिंह कुंजवाल के शासनकाल में लगे उनके रिश्तेदारों की सूची वायरल की गई। इस बीच स्पीकर रह चुके प्रेमचंद अग्रवाल ने सभी नियुक्तियों को जायज ठहरा दिया तो गोविंद सिंह कुंजवाल को ये बात मानने में कोई झिझक नहीं हुई कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को नौकरी दी है। उलटा कुंजवाल ने अब तक के सभी मुख्यमंत्रियों और सरकारों पर नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए। इस बीच मंगलवार को सोशल मीडिया में एक नई लिस्ट वायरल हो गई, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और यूकेडी के नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इस लिस्ट में दावा किया जा रहा है कि कितने कब और किस नेता के रिश्तेदार को नौकरियां दी गई है। हालांकि सोशल मीडिया में इस सूची को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ नामों पर सोशल मीडिया के जरिए आपत्ति भी दर्ज कराई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी सियासी दल की ओर से इस पर अभी कोई सार्वजनिक बयान भी नहीं आया है।
अब विधानसभा अध्यक्ष के आने का इंतजार
उत्तराखंड की मुख्य सियासी पार्टी भाजपा, कांग्रेस के कई नेताओं के नाम इस सूची में होने से सियासी भूचाल आना तय है। इससे पहले नौकरी पाने वाले लोगों के आवेदन पत्र भी सोशल मीडिया में वायरल हो चुके हैं। जिसमें एक आवेदन पत्र के आधार पर ही नौकरी पाने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही महिला एंव बाल विकास मंत्री रेखा आर्य का भी एक सिफारिशी पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो चुका है। इस तरह विधानसभा में हुई नियुक्तियां सवालों के घेरे में है। जिसको लेकर अब विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण के देहरादून आने का इंतजार किया जा रहा है। जो कि इन सभी मसलों पर क्या फैसला लेती है। उसके बाद ही इन सभी आरोपों की सत्यता सामने आ सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही इन सभी नियुक्तियों की जांच करने की बात कर चुके है। जो कि विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है।
युवा बेरोजगार सड़कों पर उतरे
भर्तियों को लेकर सामने आ रहे आरोपों के बाद अब युवा बेरोजगार सड़कों पर उतर चुके हैं। मंगलवार को यूथ कांग्रेस के बैनर तले युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ कांग्रेस बर्दाश्त नही करेगी। उन्होंने मांग की कि जिस भी विधान सभा अध्यक्ष के कार्यकाल में ये भर्तियों की गई हैंए चाहे वह किसी भी पार्टी का हो उनकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।












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