सफेद बर्फ की चादर से ढका केदारनाथ धाम, आज बंद हुए कपाट, सामने आई खूबसूरत तस्वीरें
नई दिल्ली। आज सुबह से उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है, सोमवार सुबह केदारनाथ और बदरीनाथ में Snow Fall हुआ है जिसके कारण यहां ठंड बढ़ गई है, आपको बता दें कि शीतकाल के लिए आज बाबा केदारनाथ के कपाट बंद हो गए हैं, उससे पहले यहां पहुंचे श्रद्धालुओं दर्शन के साथ बर्फबारी भी देखने को मिली है, सामने आई तस्वीरें काफी खूबसूरत हैं, भक्तगण प्रकृति के इस सुंदर सौगात को अपना तोहफा मान रहे हैं, गौरतलब है कि केदारनाथ में रात से ही जमकर बर्फबारी हो रही है और आने वाले दिनों में भी ये सिलसिला यूं ही जारी रहेगा, ऐसा मौसम विभाग का कहना है। मालूम हो कि रविवार को उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने भगवान केदारनाथ के दर्शन किए थे।
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Kedarnath-भारी बर्फबारी के बीच मंदिर का कपाट बंद, CM Yogi और Rawat ने की पूजा | वनइंडिया हिंदी

चलिए आपको बताते हैं केदारनाथ धाम की कुछ खास बातें..
- 8वीं शताब्दी का भगवान शिव का यह मंदिर समुद्र तल से 3,581 मीटर की उंचाई पर स्थित है।
- यह मंदिर हिमपात के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद हो जाता है और अप्रैल-मई में दोबारा खोला जाता है।
- मंदाकिनी नदी के शीर्ष पर शोभायमान गढ़वाल हिमालय के बीच यह मंदिर स्थित है।
- देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम की प्रसिद्धि 5वें ज्योतिर्लिंग के रूप में है।
- यहां के शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है। पत्थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पांडव वंश के जनमेजय ने कराया था।
- आदि शंकराचार्य ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया।
- देखें: बर्फबारी का Video
- केदारनाथ के संबंध में लिखा है कि जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन किये बिना बद्रीनाथ की यात्रा करता है, उसकी यात्रा निष्फल जाती है।
- केदारनाथ सहित नर-नारायण-मूर्ति के दर्शन का फल समस्त पापों के नाश पूर्वक जीवन मुक्ति की प्राप्ति बतलाया गया है।
- इस मंदिर की आयु के बारे में कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, पर एक हजार वर्षों से केदारनाथ एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल रहा है।












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