कांवड़ यात्रा में शामिल हुए इस साल रिकॉर्ड कांवड़ियां, हजारों मीट्रिक टन कूड़ा हरिद्वार प्रशासन के लिए बनी चुनौती
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में कई गुना कूड़ा एकत्र
देहरादून, 29 जुलाई। सावन मास में हुई कांवड़ यात्रा ने इस बार कई रिकॉर्ड तोड़कर कीर्तिमान स्थापित किया है। कांवड़ यात्रा करीब 13 दिन चली इस दौरान करीब 4 करोड़ कांवडियां शामिल हुए हैं। जहां एक तरफ कांवड़ियों ने नया रिकॉर्ड बनाया वहीं हरिद्वार में हजारों मीट्रिक टन कूड़ा भी एकत्र हो गया है। जिसे हटाना हरिद्वार प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड
कोरोना के कारण दो साल बाद आयोजित हुआ कावंड़ मेला इस बार नए रिकॉर्ड कायम कर गया। 14 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा 26 जुलाई को श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बनाकर संपन्न हुई। इस बार बड़ी संख्या में कांवड़िए धर्मनगरी पहुंचे। कांवड़ मेला सेल ने दावा किया है कि 3.80 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर वापस लौटे। 2018 में अभी तक सबसे अधिक 3.76 करोड़ कांवड़िए पहुंचे थे।
तकरीबन 30 हजार मीट्रिक टन कचरा जमा
उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा मंगलवार को संम्पन्न हो गई। इस दौरान करोड़ों कांवड़ियों ने हरिद्वार से जल भरा। जिससे हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान तकरीबन 30 हजार मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया है। जिसकी वजह से स्थानीय लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जूते.चप्पल से लेकर प्लास्टिक के गद्दे और कपड़े तक शहर और खासतौर पर नदी के घाटों के आसपास बिखरे पड़े हैं। नगर निगम के आयुक्त ने बताया कि हरिद्वार की सफाई के लिए कर्मचारियों को दिन.रात काम करना पड़ रहा है। इतना कूड़ा हरिद्वार में पांच महीने में तैयार होता है, जितना कांवड़ यात्रा के पखवाड़े भर में उत्पन्न हुआ है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 के डेढ़ करोड़ कांवड़ियों की तुलना में इस बार 4 करोड़ लोग कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे थे।
नगर निगम की टीम का कूड़ा सफाई अभियान शुरू
हरिद्वार के डीएम विनय शंकर पांडे ने कहा कि जहां करोड़ों लोग एक साथ इकट्ठा होते हैं, वहां कुछ कूड़े का ढेर होना स्वाभाविक है। नगर निगम की टीम शहर में साफ.सफाई की स्थिति में सुधार के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है।शहर से सामान्य दिनों में रोजाना 150 से 200 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जबकि स्नान पर्व पर एक दिन में 400 मीट्रिक टन तक कूड़ा निकलता है। हरकी पैड़ी और गंगा घाटों के अलावा मेला क्षेत्र से कूड़ा सफाई अभियान शुरू किया गया है।












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