उत्तराखंड सरकार PRD कर्मियों को देगी अर्द्धसैन्य बलों जैसा प्रशिक्षण
देहरादून। उत्तराखंड सरकार अब सैंकड़ों प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) कर्मियों को अर्द्धसैन्य बलों जैसा प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है। इस क्रम में राज्य सरकार सबसे पहले 526 जवानों को अर्द्धसैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। पीआरडी कर्मियों ने इस तरह का प्रशिक्षण देने के पीछे का मकसद यह है कि वे प्रशिक्षण के बाद निर्वाचन कार्यों, त्योहारों, यात्रा सीजन, मेला और आपदा प्रबंधन के कार्यों में ड्यूटी पाकर रोजगार पा सकेंगे।

राज्य में इस समय 7 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें लिपिक, अनुसेवक व गार्ड के रूप में विभागों में तैनात किया गया है। सरकार समय समय पर इन्हें अल्पकालिक अवधि के विभिन्न अवसरों पर काम पर रखती आई है। इन्हें 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। पीआरडी कर्मियों को हर साल सरकार की ओऱ से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पिछले साल ही पीआरडीकर्मियों को अर्द्धसैन्य प्रशिक्षण दिया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे टाल दिया गया है। तब से इन कर्मियों का प्रशिक्षण अटका हुआ था। अब इस वर्ष इन कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित किया गया है।बता दें कि, प्रदेश सरकार समय-समय पर इन पीआरडी जवानों को अर्द्धसैन्य प्रशिक्षण भी देती है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की हुई है।
इन पीआरडी कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए 15 दिनों का विशेष कैंप लगाया जाएगा। इस कैंप में इन्हें पुलिस की प्राथमिक जानकारी के साथ ही राहत व बचाव के तरीकों से प्रशिक्षित किया जाएगा। जिससे आपदा के समय जरूरत पड़ने पर इन कर्मियों की सरकार मदद ले सके।












Click it and Unblock the Notifications