उत्तराखंड: चमोली में 30 जिंदगियों को बचाने की जद्दोजहद जारी, NDRF के साथ सेना,ITBP रेस्क्यू में जुटी
देहरादून। Uttarakhand glacier burst उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने की वजह से मची तबाही का मंजर घटना के एक दिन बाद भी काफी भयावह है। ग्लेशियर फटने की वजह से चमोली में स्थित तपोवन टनल में एक सुरंग में 30 से ज्यादा लोग फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए युद्ध स्तर पर राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया है। 12 फीट ऊंची और 15 फीट चौड़ी टनल में मलबा और कीचड़ भरी हुई है। इसी के अंदर वहां करने वाले मजदूर फंसे हुए हैं। यह सुरंग करीब 1.6 मीटर लंबी है। परेशानी वाली बात ये है कि टनल में जाने के लिए सिर्फ एक ही प्रवेश द्वार है। इसलिए मजदूरों को पता लगाने में बहुत मुश्किल हो रही है।
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अभी अभियान की क्या है स्थिति?
राहत बचाव अभियान में ITBP, NDRF, स्टेट डिजास्टर की टीम और भारतीय सेना भी लगी हुई है। लोगों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोग भी इन टीमों की मदद कर रहे हैं। ITBP की तरफ से जानकारी दी गई है कि टनल के अंदर करीब 100 मीटर का एरिया साफ कर लिया है और यहां पहुंचा जा सकता है। अभी 100 मीटर एरिया के मलबे को और साफ किया जाना है, इस काम में कुछ और घंटे लग सकते हैं।
200 लोग अभी भी बताए जा रहे हैं लापता
आपको बता दें कि कल की घटना के बाद राज्य में नदियों के जल स्तर पर भारी बढ़ोतरी हुई है। कई नदियों का पानी उफान पर है तो कई जगह बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ग्लेशियर फटने की घटना में अभी तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 200 के करीब लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।












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