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जिस नक्शे से पढ़ाया जाता है बच्चों को, सरकारी स्कूल की दीवार पर बने उस नक्शे से गायब मिली देश की राजधानी

अशासकीय स्कूल में नक्शे में राजधानी दिल्ली गायब

देहरादून, 25 अगस्त। उत्तराखंड के आपदाग्रस्त क्षेत्र मालदेवता में एक अशासकीय स्कूल में बने नक्शे में देश की राजधानी दिल्ली गायब है। बताया गया कि इसी नक्शे से स्कूल में बच्चों को पढ़ाया जाता है। यह बात तब सामने आई जब बाल संरक्षण आयोग की टीम आपदाग्रस्त क्षेत्र में राहत सामग्री बांटने गए हुए थे। आयोग की टीम ने इस पर नाराजगी जताई है।

uttarakhand dehradun government school map children taught capital of the country found missing

माल देवता स्थित आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंची उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की टीम

बुधवार को उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की टीम माल देवता स्थित आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंची। इस दौरान आयोग की टीम शिव जूनियर हाईस्कूल पहुंची। इस दौरान स्कूल में रह रहे लोगों को मिलने जब वहां पहुंचे तो दीवार पर बने भारत के नक्शे पर आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी की नजर पड़ी तो नक्शे में देश की राजधानी दिल्ली का नाम गायब मिला। जिस पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नाराजगी जताई। आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग नें मालदेवता के शिव जूनियर हाईस्कूल में बने आपदा राहत शिविर में पहुंच कर आपदा प्रभावित परिवारों को राशन आदि आवश्यक राहत सामग्री वितरित की। साथ ही शिविर में ठहरे बच्चों की पढ़ाई व खेल कूद संबंधित जानकारी ली।

मानवीय भूल कह कर प्राचार्य नें अपना पल्ला झाड़ा

इस दौरान स्कूल में बने भारत के गलत नक्शे पर नजर पड़ने को लेकर उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि स्कूल में बने भारत के नक्शे में देश की राजधानी दिल्ली को ही नही दिखाया गया है, जो कि एक तरह से राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रधर्म सबसे ऊपर है। इसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नही की जा सकती। इस मौके पर आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी ने स्कूल की दीवार पर भारत देश का नक्शा गलत बनाये जाने को लेकर जब स्कूल के प्राचार्य से बात की तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह नक्शा लगभग 2 से 4 दिन पूर्व ही बनाया गया है और नक्शे में दिल्ली को ना दर्शाया जाना एक मानवीय भूल है यह कह कर प्राचार्य नें अपना पल्ला झाड़ा, जबकि मौके पर नक्शा बनाने वाले पेंटर से बात की तो उसके द्वारा बताया गया कि यह नक्शा करीब 20 दिन पूर्व बनाया गया है। दीपक गुलाटी ने कहा कि जब शिक्षा के मंदिर में ही देश का नक्शा गलत तरीके से प्रदर्शित किया गया है तो ऐसे में यह महज लापरवाही या गलती नहीं बल्कि राष्ट्र से संबंधित एक गंभीर प्रकरण है। उन्होंने स्कूल के प्राचार्य से नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे तत्काल ठीक करने के लिए कहा।

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