उत्तराखंड में नाम बदलने पर जारी है विवाद, मियांवाला को लेकर कहांं फंसा पेंच, जनिए क्यों हो रहा विरोध

उत्तराखंड में धामी सरकार ने 15 जगहों के नाम बदल डाले, जिस पर खूब सियासत हुई। जिन 15 जगहों के नाम बदले गए इनमें एक देहरादून का मियांवाला इलाका भी शामिल है। जिसको लेकर प्रदेश में सबसे ज्यादा ​सियासत गरमा गई है।

भाजपा के क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ समेत कई नेता मुख्यमंत्री धामी को नाम परिवर्तन के बाद मिलकर बधाई और धन्यवाद भी दे चुके हैं। लेकिन कुछ लोगों के भारी विरोध के बाद सरकार ने इस पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है।

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दरअसल मियांवाला का नाम बदलने पर स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया था। सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इसको लेकर कई तरह की आपत्ति दर्ज की गई है। सरकार ने प्रदेश में जिन 15 जगहों के नाम बदलने का फैसला लिया, उनमें हरिद्वार जिले में 8 क्षेत्र और सड़कों के नाम शामिल हैं। इसी तरह नैनीताल जिले में दो सड़कों का नाम बदलने जबकि उधम सिंह नगर में भी एक पंचायत क्षेत्र का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है। जबकि देहरादून जिले में चार क्षेत्रों के नाम बदलने की घोषणा की गई।

नाम बदले जाने वाले क्षेत्रों में देहरादून का मियांवाला क्षेत्र भी शामिल था। हालांकि इसकी घोषणा होने के बाद स्थानीय स्तर पर काफी विरोध हुआ। जिसमें भाजपा के नेता भी शामिल हैं। मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप बटोला ने भी स्थानीय लोगों के साथ मुख्यमंत्री से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। जिसे सरकार ने मान लिया है। लेकिन खास बात यह है कि नाम बदले जाने को लेकर स्थानीय विधायक उमेश शर्मा, मेयर सौरभ थपलियाल समेत पार्टी के कई दूसरे नेता भी मुख्यमंत्री को बधाई दे रहे थे। जिससे भाजपा के अंदर ही इस मामले में विरोधाभास नजर आ रहा है।

विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि मियांवाला मुस्लिम नाम नहीं है। बल्कि क्षेत्रीय लोगों से जुड़ा हुआ नाम है। ऐसे में इसे नहीं बदला जाना चाहिए। दरअसल, कहा जाता है कि मियां की उपाधि गुलेर रियासत के व्यक्तियों को टिहरी गढ़वाल के शासकों ने दी थी। गुलेर रियासत अब हिमाचल प्रदेश का हिस्सा है, लेकिन टिहरी गढ़वाल के शासकों ने तब उन्हें मियांवाला में भूमि आवंटित की थी। जो कि वर्तमान में देहरादून में है और गुलेर राजपूतों की पहचान माना जाता है। इसके बाद यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने भी रखी गई और मुख्यमंत्री ने इस मामले पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शासन ने हल्द्वानी के दो सड़कों के नाम परिवर्तित कर दिए हैं। अपर सचिव शहरी विकास गौरव कुमार की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि हल्द्वानी के मेयर के प्रस्ताव पर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग की अनापत्ति मिलने के बाद नाम परिवर्तन कर दिया गया है। शहरी विकास निदेशालय और जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देश दिए गए हैं कि वह नवाबी रोड को अटल मार्ग और पनचक्की से आईटीआई रोड को गुरु गोलवलकर मार्ग के हिसाब से कार्यवाही कर शासन को बताएं।

वहीं, ऊधमसिंह नगर की नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम कौशल्या पूरी करने का आदेश भी जल्द जारी हो सकता है। देहरादून के मियांवाला को रामजीवाला करने की घोषणा पर विवाद के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से मुलाकात की थी। सीएम ने आश्वासन दिया था कि वे मियांवाला के नाम परिवर्तन के फैसले पर विचार करेंगे। फिलहाल शासन ने मियांवाला की फाइल सीएम के पास पहुंचा दी है। मुख्यमंत्री धामी को इस पर अंतिम फैसला लेना है।

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