CM Pushkar Singh Dhami का चार साल का कार्यकाल पूरा, बनाया ये रिकॉर्ड, इन कार्यों और उपलब्धियों से बना इतिहास
CM Pushkar Singh Dhami completes four-year term: उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज बतौर मुख्यमंत्री 4 साल पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही भाजपा सरकार में अब तक के सबसे ज्यादा समय तक सीएम की कुर्सी पर रहने का रिकॉर्ड भी बनाया है। अब सबकी नजरें धामी के बतौर सीएम 5 साल पूरे करने पर टिक गई हैं।
अब तक उत्तराखंड में सीएम रहने का 5 साल पूरे करने का रिकॉर्ड कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी के नाम है। बतौर सीएम धामी सबसे युवा मुख्यमंत्री भी है। ऐसे में धामी के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हो गए हैं। इसके साथ ही सीएम धामी ने अपने चार साल के कार्यकाल में समान नागरिक संहिता, सख़्त नक़ल विरोधी क़ानून, सख़्त धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून लागू कर इतिहास बनाया है।

इस मौके पर सीएम धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिखा कि
आप सभी के स्नेह, प्रेम और आशीर्वाद से आज मुख्यसेवक के रूप में 4 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण किया है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन से ये 4 वर्ष देवभूमि उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने के हमारे प्रयासों को समर्पित रहे हैं।
चार साल में किए गए कार्यों और उपलब्धियों के बारे में-
- 4 वर्षों में समान नागरिक संहिता, सख़्त नक़ल विरोधी क़ानून, सख़्त धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन के संकल्प को पूरा किया है।
- लैंड जिहाद, लव जिहाद, अवैध मदरसों व अतिक्रमण पर निरंतर कार्रवाई और सख़्त भू-क़ानून लागू कर देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है।
- 4 वर्षों में एक ओर जहां प्रदेश सतत विकास के लक्ष्यों (SDG Index) की प्राप्ति में देश का अग्रणी राज्य बना है वहीं दूसरी ओर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए इकोलॉजी, इकॉनमी और टेक्नोलॉजी के बेहतर समन्वय से रोड, रेल और रोपवे निर्माण के क्षेत्र में भी नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है।
- सीएम हेल्पलाइन 1905 और 1064 विजिलेंस ऐप से सदैव आम जनमानस के विश्वास को जीतने का प्रयास किया है और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत मगरमच्छ जैसे भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेजकर एक सख्त संदेश भी दिया।
- युवा साथियों को इन 4 वर्षों में पूर्ण पारदर्शिता के साथ 23000 से भी अधिक सरकारी नौकरी दी है और महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण देकर उनकी सशक्त भागीदारी भी सुनिश्चित की है। यही कारण है कि आज प्रदेश में बेरोज़गारी दर तेज़ी से घटी है जो कि राष्ट्रीय औसत से भी कम है।
- धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों के फलस्वरुप प्रत्येक वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा में देवभूमि उत्तराखंड पधार रहे हैं।
- धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय उत्पादों का बढ़ चढ़कर प्रचार-प्रसार, होम स्टे योजना के माध्यम से स्वरोज़गार, छात्रवृत्ति योजनाएँ, खेल और खिलाड़ियों के लिये बेहतर सुविधाएँ, किसान कल्याण, सैनिक कल्याण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व कार्य आज देवभूमि उत्तराखंड के विकास का नया अध्याय लिख रहे हैं।
- प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देते हुए रिकॉर्ड ₹ 3.5 लाख करोड़ के MOU साइन किए और अभी तक ₹ 1 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।












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