चमोली हादसे में 16 नहीं बल्कि चली जाती 70-80 लोगों की जान, पढ़िये इनसाइड स्टोरी...
Chamoli incident: उत्तराखंड के चमोली में करंट लगने से 16 लोगों की मौत को लेकर हर तरफ हंगामा मचा हुआ है। झकझोर देने वाले इस मामले में इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवा दी। लेकिन आपको बता दें कि घटना में 70-80 लोगों की जान जा सकती थी।
दरअसल, नमामि गंगे परियोजना के प्लांट के लिए 11 केवी की बिजली इस्तेमाल में की गई थी। घटनास्थल पर बातचीत कर रहे लोगों के सामने रैलिंग के रास्ते करंट फैला और देखते ही देखते 16 लोग अपनी जान गंवा बैठे।

हुआ यूं कि 27 साल का गणेश प्लांट में केयर टेकिंग का काम करता था। घटना से पहले रात को वो घर नहीं लौटा। सुबह लोगों ने देखा कि उसका शव सीढ़ियों पर पड़ा हुआ था। गणेश की मौत हो चुकी थी। परिजन और गांववालों को जब ये बात पता लगी तो बहस होने लगी। सभी लोग मुआवजे की मांग करने लगे।
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शिविर प्लांट में ही मुआवजे की बहस तेज हो गई। बहस का कोई नतीजा नहीं निकला तो 70-80 लोग मौके से चले गए। इसके बाद रैलिंग में तेज करंट दौड़ा और 27 लोग इसकी चपेट में आ गए। पुलिस के एक जवान और पीआरडी के 3 जवानों समेत 16 लोगों की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य के निर्देश दिए। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है। बद्रीनाथ के विधायक का कहना है कि मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
जनपद में करंट लगने से पूरा जनपद सहमा हुआ है।












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