Uttarakhand news: कैमरा ही नहीं अब बोर्ड पार करते ही मोबाइल पर आएगा चालान, जानिए डिजिटल स्पीड साईन के फायदे
Uttarakhand news: ओवरस्पीड और रोड एक्सीडेंट पर लगाम लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड का सहारा ले रही है। इसके लिए पहले चरण में उत्तराखंड में 10 डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड लगाए हैं। जिससे ओवरस्पीड को कंट्रोल किया जा सके और ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा सके।

ट्रैफिक पुलिस की मानें तो सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण ओवरस्पीड है जिसके कारण राज्य में कई सड़क दुर्घटनाएं घटित होती है। मुख्तार मोहसिन, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात, उत्तराखण्ड की ओर से ओवरस्पीड के निर्धारण के लिए उपकरणों से गतिसीमा की चेतावनी के लिए राज्य में पहली बार प्रारम्भिक चरण में हाईटेक गतिसीमा बोर्ड (डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड) लगाए गए हैं।
इस साल यातायात निदेशालय द्वारा कुल 10 Digital Speed Sign Board खरीदे गये है। इनमें से देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर में 3 तीन जबकि नैनीताल में एक बोर्ड लगाया गया है।
क्या होता है Digital speed Sign Board -
रडार स्पीड साइन बोर्ड गतिसीमा का एक हाईटेक उपकरण होता है जो सड़क पर लगाया जाता है ताकि वाहन चालकों को उनकी गाड़ी की गति की सूचना मिल सके। यह साइन बोर्ड रडार तकनीक का उपयोग करता है जो आगे आ रहे वाहनों की गति को मापने के लिए होती है।
जब कोई वाहन इस साइन बोर्ड के पास से गुजरता है, तो उसकी गति साइन बोर्ड पर प्रदर्शित हो जाती है। जैसे अगर गति सीमा 20 निर्धारित की गई है तो यह 20 तक Amber लाईट ब्लिंक करेगा और अगर 20 से ऊपर किसी वाहन चालक की गति होगी तो यह लाल लाईट ब्लिंक करेगा । यह एक सुरक्षा उपाय के रूप में भी काम करता है क्योंकि यह वाहन चालकों को अपनी गाड़ी की गति को निर्धारित गति में रहने के लिए प्रेरित करता है और सुरक्षित गति चेतावनी प्रदर्शित करता है।
Digital speed Sign Board
देहरादून
- Niyal Hills Apartments हरिद्वार बाईपास
- राजपुर रोड नियर होटल सनराईज
- ई0सी0 रोड़ नियर सी.एस.डी. डिपो आराघर
हरिद्वार
- गुरुकल कांगड़ी नियर सिंहद्वार
- झबरेड़ा तिराहा मंगलौर
- भगवानपुर फ्लाईओवर
ऊधमसिंहनगर
- गदरपुर बाजार
- पुलिस आउट पोस्ट बरा थाना पुलभुट्टा
- लालपुर मार्केट थाना किच्छा
नैनीताल
- दाबका से कालाढूंगी नियर कारा रिसोर्ट थाना कालाढूंगी
मुख्तार मोहसिन,पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात उत्तराखण्ड ने बताया कि Digital Speed Sign Board पर अपने वाहन की गति सीमा देखने के वाहन चालकों पर एक मनौवेज्ञानिक दबाव आयेगा जिससे अगर उनके वाहन की रफ्तार अधिक होगी तो वह अपने वाहन की रफ्तार को स्वयं से कम कर लेंगे। इसके साथ ही यदि किसी वाहन में बच्चे उक्त बोर्ड को देखेगें तो वह अपने माता-पिता या संरक्षक को बतायेगे कि आपके वाहन की अधिक है या कम जिससे वह बच्चे भविष्य के लिए गति-सीमा के पालन के लिए प्रेरित होंगे।
देहरादून के ट्रैफिक इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि वर्तमान में अभी ट्रायल पर बोर्ड लगाए गए हैं। जिससे आने वाले समय में चालान भी किए जाएंगे। इसके बाद देहरादून में अन्य जगहों पर भी ये बोर्ड लगाए जाएंगें। इसके अलावा 6 कैमरे भी स्पीड पर नजर बनाए हुए हैं। जिनसे ओवरस्पीड के चालान किए जाते हैं।












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